आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद ब्रिक्स में डिनर के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई देने वाले नेताओं का तांता लग गया। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बड़ी गर्मजोशी के साथ मोदी को बधाई दी।
ब्रिक्स का नया सदस्य बनने की दौड़ में सबसे आगे चल रहे सऊदी के विदेश मंत्री फैजल बिन फरहान अल सऊद ने भी PM मोदी से मिलकर खुशी जाहिर की।
वहीं, ब्रिक्स के मेंबर देश इस संगठन के विस्तार के लिए तैयार हो गए हैं। साउथ अफ्रीका के विदेश मंत्री नालेदी पंडोर ने रॉयटर्स से बात करते हुए कहा- ब्राजील, चीन, भारत और रूस समेत हम सब संगठन में दूसरे देशों के शामिल होने के लिए एक समझौते पर पहुंचे हैं। इसके बाद गुरुवार को नए मेंबर्स के नामों पर फाइनल डिस्कशन होगा।
साउथ अफ्रीका के ब्रिक्स शेरपा अनिल सूकलाल ने रूस की मीडिया एजेंसी TASS को बताया कि गुरुवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में नए मेंबर देशों के नाम की घोषणा होगी। उन्होंने कहा- बुधवार को ब्रिक्स विस्तार पर काफी डीटेल्ड चर्चा हुई। इसमें सभी पहलुओं पर बात की गई। फिर सर्वसम्मति से सभी देशों ने इसकी शर्तों को स्वीकार किया।
नए सदस्यों को जोड़ने के लिए डॉक्यूमेंट तैयार
साउथ अफ्रीका ने बताया कि नए देशों के संगठन में शामिल होने के लिए एक डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है। इसमें सभी शर्तों, नियमों और प्रोसेस के बारे में बताया गया है। वहीं गुरुवार को ब्रिक्स समिट के आखिरी दिन भारतीय समय के मुताबिक, करीब 11:30 बजे फ्रेंड्स ऑफ ब्रिक्स लीडर्स डायलॉग होगा।
इसकी शुरुआत साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा के संबोधन से होगी। इसके बाद ब्रिक्स के बाकी सदस्यों की तरफ से भी स्टेटमेंट्स रिलीज होंगे। ब्रिक्स का आखिरी इवेंट प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें रामाफोसा क्लोजिंग स्टेटमेंट और रिमार्क्स देंगे।
PM मोदी बोले- विस्तार को भारत का समर्थन
इससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन में कहा था कि भारत ब्रिक्स की सदयस्ता में विस्तार का पूरा समर्थन करता है और इसमें कन्सेन्सस के साथ आगे बढ़ने का स्वागत करता है।
ब्रिक्स के विस्तार पर भारत के पक्ष को और स्पष्ट करते हुए PM मोदी ने बाकी सदस्यों को याद दिलाया कि 2016 में, भारत की अध्यक्षता के दौरान BRICS को बिल्डिंग रिस्पॉन्सिव, इंक्लूसिव और कलेक्टिव सॉल्यूशन से परिभाषित किया गया था। PM मोदी ने कहा- ब्रिक्स बैरियर्स को तोड़ेगा, अर्थव्यवस्थाओं को नया आयाम देगा, इनोवेशन को प्रेरित करेगा, नए अवसर पैदा करेगा और इन सबके जरिए भविष्य को नया आकार देगा।
मोदी बोले- अफ्रीकी यूनियन भी G20 में शामिल हो
ब्रिक्स देशों को मिलकर ये कोशिश करनी चाहिए कि अफ्रीकी यूनियन को भी G20 में शामिल किया जाए। हम चाहते हैं कि ब्रिक्स का विस्तार किया जाए। इसमें और देशों को शामिल किया जाए। (इस बात पर काफी देर तक तालियां बजीं)
ट्रैडीशनल मेडिसिन के क्षेत्र में बिग कैट अलायंस बनाने की जरूरत है। इस बात की खुशी है कि ग्लोबल साउथ के देशों को ब्रिक्स में अहमियत दी जा रही है। इसका श्रेय साउथ अफ्रीका को है। जी-20 में भी हम ग्लोबल साउथ को अहमियत देना चाहते हैं। 2016 में हमने सभी को साथ लेकर चलने का सुझाव दिया था। हम सभी ब्रिक्स पार्टनर के साथ मिलकर सार्थक योगदान देते रहेंगे।