आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : साउथ अफ्रीका जोहान्सबर्ग में चल रही 15वीं ब्रिक्स समिट में बुधवार को दो अहम घटनाएं कैमरे में कैद हो गईं। एक घटना हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ी है, तो दूसरी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से।

मोदी ने ग्रुप फोटो सेशन से पहले तिरंगे को जमीन पर देखा तो फौरन उसे उठाया और सम्मान के साथ उसे जेब में रख लिया। जिनपिंग जब इनॉगरल सेशन में पहुंचे तो सिक्योरिटी स्टाफ ने उनके साथ किसी चीनी अफसर को नहीं जाने दिया। जिनपिंग पलटकर अपने स्टाफ को खोजते रहे, लेकिन कोई नहीं दिखा। चलिए यहां विस्तार से इन घटनाओं को समझते हैं।

अकेले पड़े जिनपिंग तो बैचेन हो गए

ब्रिक्स समिट के इनॉगरल सेशन में सभी देशों के राष्ट्राध्यक्ष पहुंचे। इनमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल थे। जिनपिंग मंगलवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम इवेंट में शामिल नहीं हुए थे। चीन के ऑफिशियल्स ने इसकी वजह भी नहीं बताई थी।

बहरहाल, बुधवार को जब वो इवेंट हॉल के एंट्री गेट पर पहुंचे तो वहां मौजूद साउथ अफ्रीकी प्रोटोकॉल ऑफिसर्स ने उन्हें एस्कॉर्ट किया। इसके बाद जिनपिंग रेड कार्पेट पर धीमे कदमों से चलते हुए कॉरिडोर में दाखिल हुए।

चीनी प्रेसिडेंट के ठीक पीछे उनका स्टाफ और सिक्योरिटी कमांड थे। जैसे ही इन्होंने गेट से कॉरिडोर में दाखिल होने की कोशिश की तो वहां मौजूद प्रोटोकॉल टीम ने उन्हें न सिर्फ रोक दिया, बल्कि एंट्री गेट भी बंद कर दिया। अब आगे जिनपिंग थे और पीछे बंद दरवाजा। हैरान-परेशान जिनपिंग बार-बार पलटकर अपने अफसरों को खोजते रहे, लेकिन उन्हें कोई नहीं दिखा। यह तमाम नजारे वीडियो में कैद हुए और कुछ ही देर में वायरल हो गए।

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि दरअसल, जिनपिंग के कमांडो उनसे थोड़ा पीछे रह गए थे। जब वो कुछ सेकेंड देरी से पहुंचे तो तेजी से जिनपिंग की तरफ बढ़ते नजर आए, जिससे ब्रिक्स के सिक्योरिटी अफसरों को उन पर शक हुआ। इसी वजह से सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया।

जब मोदी ने तिरंगा उठाया

साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में 15वीं ब्रिक्स समिट शुरू हो गई है। ब्रिक्स देशों के नेता लावरोव सैंड्टन कन्वेंशन सेंटर में हाथ पकड़कर तस्वीर खिंचवाते नजर आए। इस दौरान एक घटना ने हर किसी का ध्यान खींचा।

ग्रुप फोटो सेशन के दौरान हर लीडर के खड़े होने की जगह तय थी। ‘न्यूज एजेंसी एएनआई’ के मुताबिक मोदी जब साउथ अफ्रीकी प्रेसिडेंट के साथ मंच पर पहुंचे तो उन्हें तिरंगा जमीन पर दिखा। प्रधानमंत्री ने फौरन राष्ट्रीय ध्वज उठाया और सलीके से जैकेट की जेब में रख लिया।

दूसरी तरफ, साउथ अफ्रीकी प्रेसिडेंट ने भी अपने देश का फ्लैग उठाया, लेकिन यह स्टाफ को सौंप दिया। इस अफसर ने मोदी से भी तिरंगा देने की गुजारिश की, लेकिन उन्होंने नम्रता से इनकार कर दिया।