आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: रूस की प्राइवेट आर्मी वैगनर के विद्रोह और समझौते के बाद बुधवार देर शाम को बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक उन्होंने बताया कि जब वैगनर का विद्रोह चरम पर था तब पुतिन ने उनसे प्रिगोजिन को मरवाने की भी बात कही थी। हालांकि, लुकाशेंको ने उन्हें जल्दबाजी में कोई फैसला न लेने को कहा था फिर समझौता हुआ।

फोन कॉल के दौरान लुकाशेंको ने टकराव की जगह शांति की कोशिश करने की अपील की थी। वहीं, वैगनर चीफ येवगेनी प्रिगोजिन 27 जून को बेलारूस पहुंच गए। राष्ट्रपति लुकाशेंको ने इसकी पुष्टि की। रूस ने भी प्रिगोजिन के खिलाफ सभी केस खत्म कर दिए हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि डील के तहत वैगनर ग्रुप के बड़े हथियार और हार्डवेयर वापस लेने की तैयारी चल रही है।

वहीं, कुछ रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि भले ही रूस ने प्रिगोजिन से माफी का वादा किया हो लेकिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उसे ऐसे ही छोड़ देंगे, इस बात पर भरोसा करना कठिन है। पुतिन को अपनी आलोचना करने वाले या फिर रूस के खिलाफ बगावत करने वाले बर्दाश्त नहीं हैं।

पुतिन ने पिछले कुछ सालों में अपने कई विरोधियों को जेल में डाला है। सरकार से बगावत करने वाले जासूसों की हत्याएं भी करवाई गई हैं। प्रिगोजिन जानता है कि लुकाशैंको पुतिन के अहसान तले दबे हुए हैं। इसलिए बेलारूस उसके लिए ज्यादा सुरक्षित नहीं होगा।

एक थ्योरी ये भी: पूरा घटनाक्रम नाटक, खास मकसद के लिए पुतिन की चाल

रूस में कुख्यात लड़ाकों के प्रमुख की बगावत और उसके बाद एक भी बूंद खून गिराए बिना पुतिन के द्वारा उसे रोकने की घटना को कोई भी स्वीकार नहीं कर पा रहा है। इसलिए प्रिगोजिन मामले में एक थ्योरी यह ही सामने आ रही है कि यह पूरा विद्रोह का शुरुआत से ही एक दिखावा और पुतिन की चाल है। शायद पुतिन ने ही अपने किसी जटिल मकसद को पूरा करने के लिए यह ड्रामा रचा हो।

पुतिन का खुलासा: रूस ने एक साल में वैगनर समूह को 8,200 करोड़ रुपए दिए

राष्ट्रपति पुतिन ने मंगलवार को खुलासा किया है कि यूक्रेन युद्ध में शामिल होने के बाद से वैगनर समूह का सारा खर्च रूस की सरकार ने उठाया है। पिछले साल रूस ने वैगनर ग्रुप को करीब 8,200 करोड़ रुपए (1 अरब डॉलर) दिए हैं। पुतिन ने कहा कि मई 2022 से मई 2023 तक प्रिगोजिन के नेतृत्व वाले वैगनर समूह की सैलरी से लेकर बोनस तक की फंडिंग रूस सरकार के बजट से की गई है।

रूस में 23 जून को हुई बगावत के बारे में अमेरिका को कई हफ्ते पहले से जानकारी थी। यह दावा अमेरिकी न्यूज चैनल CNN की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक- अमेरिकी इंटेलिजेंस के पास व्लादिमिर पुतिन के खिलाफ विद्रोह के बारे में तफ्सील से इंटेलिजेंस रिपोर्ट मौजूद थीं।