महागठबंधन की सरकार बनने के बाद यह पहला अवसर है, जब सभी दल एक साथ साझा उद्देश्य से मंच पर जुटेंगे।

बिहार की राजनीति में आज शनिवार का दिन खास हो सकता है। एक तरफ जहां गृह मंत्री के दो कार्यक्रम होना हैं, वहीं दूसरी तरफ बिहार की सत्‍ता के महा गठबंधन की भी महा रैली होने जा रही है। ऐसे में सभी की निगाहें इन कार्यक्रमों पर रहेंगी। बिहार में शनिवार को राजनीतिक गहमागहमी का माहौल रहेगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को बिहार पहुंच रहे हैं। शाह भाजपा की ओर से आयोजित दो कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करेंगे।

सरकार बनने के बाद यह पहला अवसर

सत्तारूढ़ महागठबंधन के सभी घटक दल शनिवार को पूर्णिया में एक मंच पर जुटकर भाजपा मुक्त भारत बनाने की घोषणा करेंगे। पिछले साल 10 अगस्त को महागठबंधन की सरकार बनने के बाद यह पहला अवसर है, जब सभी दल एक साथ साझा उद्देश्य से मंच पर जुटेंगे। भाजपा की ओर से अमित शाह का पहला कार्यक्रम वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट के लौरिया विधानसभा क्षेत्र स्थित साहू जन मैदान में कार्यकर्ता सम्मेलन के रूप में रखा गया है।

भाजपा के लिए अहम है यह दौरा

लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा बेहद आक्रामक है। वह पूर्व में जदयू को दी गई सीटों पर अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है। दूसरा कार्यक्रम दोपहर बाद पटना के बापू सभागार में स्वामी सजहानंद सरस्वती की जयंती पर मजदूर किसान समागम के रूप में है। पटना में पार्टी के कार्यकर्ता किसानों का पारंपरिक आभूषण व पहचान हल प्रतीक चिह्न के रूप में भेंट किया जाएगा।

ये नेता रहेंगे मौजूद

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के अलावा कांग्रेस, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) और हिंदुस्तानी अवामा मोर्चा के नेता भी मंच पर उपस्थित रहेंगे। पूर्णिया रैली महागठबंधन के घटक दलों के बीच शक्ति प्रदर्शन का भी माध्यम बनेगी। पूर्णिया के इसी रंगभूमि मैदान में भाजपा की रैली पिछले साल 23 सितंबर को हुई थी, जिसे अमित शाह ने संबोधित किया।