आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : फ्रांस में रविवार को पांचवें दिन भी हिंसा जारी रही। हालांकि, इसमें काफी कमी देखी गई है। अब तक 1700 से ज्यादा दंगे के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बहरहाल, इजराइल की पुलिस और खुफिया एजेंसियां फ्रांस के दंगों पर पैनी नजर रख रही हैं।

दरअसल, इजराइल की होम मिनिस्ट्री को लगता है कि अगर फ्रांस जैसे हालात इजराइल में पैदा हो गए तो हमारी की पुलिस इससे कैसे निपटेगी। लिहाजा, इनसे निपटने की स्ट्रैटेजी तैयार की जा रही है और इसके लिए फ्रांस के हालात पर नजर रखी जा रही है।

इजराइल के पास तमाम वीडियो मौजूद

‘टाइम्स ऑफ इजराइल’ ने रविवार रात एक रिपोर्ट पब्लिश की। इसके मुताबिक- इजराइली पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसीज फ्रांस में जारी दंगों पर न सिर्फ पैनी नजर रख रही हैं, बल्कि इनके तमाम फुटेज भी उनके पास मौजूद हैं।

इन फुटेज का एनालिसिस ‘एंटी रायट’ यानी दंगा विरोधी रणनीति बनाने में किया जा रहा है। पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि की है। दरअसल, इजराइली होम मिनिस्ट्री को लगता है कि गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक इलाके में अकसर पुलिस और अरब मूल के लोगों के बीच जो झड़पें होती हैं, वो किसी भी वक्त फ्रांस के दंगों का रूप ले सकती हैं।

फ्रांस की पुलिस ने जिस तरह से दंगों को काबू करने की कोशिश कर रही है, या उसकी स्ट्रैटजी में जो खामियां हैं, उन्हें बारीकी से मॉनिटर किया जा रहा है। इसका मकसद ये है कि इजराइल की पुलिस इस तरह की गलतियां न करे। मई 2021 में यहां दंगा भड़का था, 9 लोग मारे गए थे। नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर बेन गिविर ने शनिवार को इसी मुद्दे पर लंबी मीटिंग की थी।

फ्रांस में क्या हुआ था

फ्रांस की राजधानी पेरिस के सबअर्बन एरिया यानी उपनगरीय इलाके नेन्तेरे में मंगलवार को 17 साल के लड़के को पुलिस ने ट्रैफिक रूल्स तोड़ने पर गोली मार दी थी। इसमें उसकी मौत हो गई थी। इसका वीडियो वायरल हो गया था। इसके बाद पांच दिन से हिंसा जारी है।

पुलिस ने शनिवार और रविवार की दरमियानी रात सर्च ऑपरेशन चलाया और 719 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इन पर हिंसा में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तार लोगों की संख्या करीब 1700 हो चुकी है।

रविवार को होम मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा- पुलिस ने शनिवार रात सर्च ऑपरेशन शुरू किया और इस दौरान 719 लोगों को गिरफ्तार किया गया। हिंसा में काफी हद तक कमी आ चुकी है। हमने फैसला किया है कि जल्द से जल्द आरोपियों पर केस शुरू किए जाएंगे, ताकि बाकी लोगों को सबक मिल सके।

फ्रांस की इंटीरियर मिनिस्ट्री के मुताबिक- 40 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। अब तक 1700 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से ज्यादातर प्रदर्शनकारी टीनएजर्स हैं जिनकी उम्र 14 से 18 साल है।