आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रूस में सत्ता कायम रखने के लिए विरोधियों का कुचलना ही एकमात्र रास्ता है। पिछले दिनों वैगनर के प्रमुख येवगेनी प्रिगोजिन की बगावत के बाद चर्चा हो रही है कि रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बाद कौन है, जो उनकी जगह ले सकता है? भले ही प्रिगोझिन की बगावत असफल हो गई हो, लेकिन पुतिन के विरोधियों को एक आशा दिखी है कि रूस में ताकत से कुछ भी संभव है।
पुतिन के विरोध के कारण देश से निर्वासित जीवन जी रहे पूर्व ऑयल बिजनेसमैन और प्रो-डेमोक्रेसी एक्टिविस्ट मिखाइल खोदोर्कोवस्की ने घोषणा कि है कि पुतिन का साम्राज्य पतन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन नए रूस का निर्माण बैलेट बॉक्स या शांतिपूर्ण तरीके से नहीं होगा।
पुतिन के पतन के बाद होगा विद्रोह
एक्टिविस्ट्स के मुताबिक पुतिन के पतन के बाद रूस में सशस्त्र विद्रोह करना पड़ेगा। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस के 6 लोग हैं जो पुतिन के बाद सर्वोच्च पद तक पहुंच सकते हैं। हालांकि, अगर पुतिन को किसी भी कारण से कुछ भी होता है तो सबसे पहले रूस के संविधान के तहत मौजूदा प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुस्तीन स्वत: कार्यकारी राष्ट्रपति बन जाएंगे।
वो 6 रूसी नेता जो पुतिन की जगह ले सकते हैं…
- अलेक्जेंडर बोर्टनिकोव, FSB चीफ
अलेक्जेंडर बोर्टनिकोव रूस की संघीय सुरक्षा सेवा (FSB) के प्रमुख है। 71 साल के बोर्टनिकोव सेना में जनरल भी हैं। वह पुतिन के आंतरिक सर्कल के सिलोविक गुट के सबसे शक्तिशाली सदस्यों में से एक हैं। अगर बोर्टनिकोव विद्रोह करते हैं तो पुतिन को सत्ता बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा।
- सर्गेई शोइगू, रूस के रक्षा मंत्री
प्रिगोजिन की बगावत के खत्म होने से सबसे ज्यादा फायदे में रूस के रक्षामंत्री सर्गेई शोइगू हैं। 68 वर्षीय शोइगू पुतिन के मित्र हैं। उनके पास पावर सर्कल में रहने का लंबा अनुभव हैं। वे एक दर्जन PM के साथ काम कर चुके हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका सैन्य बैकग्राउंड न होना है।
- एलेक्सी नवेलनी, रूस के विपक्षी नेता
पुतिन के कट्टर विरोधी नेता 47 वर्षीय एलेक्सी नवेलनी अभी जेल में हैं। धोखाधड़ी और अदालत की अवमानना के मामले में नवेलनी 7 वर्ष के कारावास की सजा काट रहे हैं। नए केस में 30 साल की सजा संभव है। विपक्ष का सबसे बड़ा चेहरा होने से वे पुतिन के लिए चुनौती बने हुए हैं।
- रमजान कोदिरोव, चेचेन सेना प्रमुख
46 वर्षीय चेचेन दल प्रमुख रमजान कादिरोव पुतिन का सबसे भरोसेमंद है। वह पहला व्यक्ति था जिसने सार्वजनिक रूप से पहली बार प्रिगोझिन के खिलाफ मोर्चा खोलने की घोषणा की थी। प्रोगोझिन की तरह कादिरोव भी पुतिन के द्वारा तैयार किया गया अनियंत्रित वारलॉर्ड है, जो कई अन्य देशों के साथ रूस और खुद पुतिन के लिए भी खतरा है।