आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी मंगलवार को विदेशी मुद्रा उल्लंघन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों के सामने पेश हुईं। इससे पहले सोमवार को न्यूज एंजेसी PTI ने आधिकारिक सूत्रों हवाले से जानकारी दी थी कि रिलायंस ADA ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी प्रवर्तन निदेशालय के मुंबई ऑफिस में पेश हुए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक अनिल अंबानी सुबह 10 बजे ED ऑफिस पहुंचे थे। अपने बयान दर्ज कराने के बाद वो शाम 6 बजे वहां से चले गए। अनिल और उनकी पत्नी पर विदेश में मौजूद संपत्ति को छिपाने और फंड के मूवमेंट का आरोप है।

पेंडोरा पेपर लीक मामले में ईडी की जांच का एक हिस्सा

अंबानी के खिलाफ फॉरेन एक्सचेंज मैनजमेंट एक्ट (FEMA) का केस दर्ज है। ये कार्यवाही पेंडोरा पेपर लीक मामले में ईडी की ओर से शुरू की गई जांच का एक हिस्सा है। अनिल के जर्सी, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और साइप्रस की ऑफशोर कंपनियों से संबंध भी ED की जांच के दायरे में हैं।

2020 में भी अनिल अंबानी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ऑफिस पहुंचे थे

अनिल अंबानी 2020 में भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED के सामने पेश हुए थे। अधिकारियों ने कहा था कि यस बैंक से लिये गए कर्ज में से जो अकाउंट नॉन परफॉर्मिंग एसेट यानी NPA में तब्दील हो गए, उनमें अनिल अंबानी के गुप की कंपनियां भी शामिल हैं। तब अनिल अंबानी की नौ कंपनियों पर यस बैंक का 12,800 करोड़ रुपए बकाया था।

वहीं, पिछले साल अगस्त में आयकर विभाग ने दो स्विस बैंक अकाउंट में रखे गए 814 करोड़ रुपए से अधिक के अघोषित फंड पर 420 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी के लिए एंटी-ब्लैक मनी लॉ के तहत अंबानी को नोटिस जारी किया था। हालांकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने IT के कारण बताओ नोटिस और जुर्माने पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

एक समय भारत के तीसरे अमीर कारोबारी थे अनिल

फोर्ब्स इंडिया के अनुसार साल 2007 में अनिल की नेटवर्थ 45 बिलियन डॉलर थी। उस समय वो देश के तीसरे अमीर कारोबारी थे। इसके बाद उनका कर्ज बढ़ता गया और नेटवर्थ कम होती गई। साल 2020 में अनिल अंबानी ने यूके कोर्ट में कहा था कि इस समय उनकी नेटवर्थ जीरो है।