आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पोलैंड ने अपने बॉर्डर पर सेना तैनात करनी शुरू कर दी है। उसने बेलारूस पर उसके एयरस्पेस का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। पोलैंड के रक्षा मंत्रालय ने कहा- हमने पूर्वी सीमा पर और ज्यादा मिलिट्री फोर्स और लड़ाकू हेलिकॉप्टर भेजने शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा NATO को भी सीमा के उल्लंघन से जुड़ी जानकारी दे दी गई है।

वहीं पोलैंड ने बेलारूस के डिप्टी एम्बेसडर को भी तलब किया है। मामले में बेलारूस की मिलिट्री ने किसी भी सीमा उल्लंघन से इनकार कर दिया। उसने आरोप लगाया कि पोलैंड बॉर्डर पर सैनिकों की तैनाती कर रहा है और इसे सही ठहराने के लिए हम पर आरोप लगा रहा है।

बेलारूस ने एयरस्पेस में दाखिल होने की बात मानी, सीमा उल्लंघन से इनकार

हालांकि, बाद में बेलारूस की मिलिट्री ने ये माना कि वो पोलैंड के एयरस्पेस में दाखिल हुए थे। उन्होंने कहा कि ये बहुत कम ऊंचाई पर हुआ था, जिसकी वजह से रडार पर रोका नहीं जा सका। बेलारूस के मुताबिक, इनमें MI-8 और MI-24 हेलिकॉप्टर शामिल थे।

बेलारूस ने कहा कि उनके एयरक्राफ्ट ने किसी भी सीमा का उल्लंघन नहीं किया था। इसके कुछ दिन पहले ही पोलैंड ने दावा किया था कि वैगनर आर्मी के 100 लड़ाके उनके बॉर्डर की तरफ बढ़ रहे हैं। पोलैंड के प्रधानमंत्री माटुस्ज मोराविकी ने इसकी जानकारी दी थी।

युरोप के खिलाफ प्रवासियों का इस्तेमाल कर रहा रूस

पोलैंड की सरकार ने आरोप लगाया था कि रूस और बेलारूस प्रवासियों का इस्तेमाल कर पोलैंड और युरोप के दूसरे देशों को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे बचने के लिए पोलैंड ने बेलारूस के बॉर्डर पर एक लंबी दीवार तक बना ली थी। इसके बाद भी पोलैंड ने कहा था कि स्थिति और खतरनाक होती जा रही है। प्रधानमंत्री मोराविकी ने हाइब्रिड अटैक का खतरा होने की बात कही थी।

क्या होता है हाइब्रिड अटैक

जमीन के नीचे रहस्यमयी विस्फोट, अनाम साइबर हमले और देश के लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए चलाए जाने वाले दबे-छिपे ऑनलाइन कैंपेन। ये सब- ‘हाइब्रिड खतरों’ के हिस्से हैं। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक किसी देश के अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमला करना हाइब्रिड अटैक है। इसमें चुनाव में भी दखलंदाजी की जाती है।

बेलारूस के लिए परेशानी बने वैगनर लड़ाके

वैगनर आर्मी की बगावत के बाद 23 जुलाई को पुतिन और बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको की पहली मुलाकात हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने वैगनर चीफ प्रिगोजिन समेत कई मुद्दों पर चर्चा की थी।

रॉयटर्स ने एक टेलीग्राम चैनल के हवाले से बताया था कि इस मीटिंग के दौरान लुकाशेंको ने पुतिन को बताया कि बेलारूस वैगनर आर्मी के लड़ाकों से परेशान हो गया है। वो पश्चिमी देशों की ओर जाना चाहते हैं। लुकाशेंको ने बताया कि प्राइवेट आर्मी के लड़ाके कहते हैं- चलो वारसा और रेजसोव की तरफ घूम कर आते हैं।