आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पाकिस्तान की फौज ने एक लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के अफसर समेत कई अफसरों को बर्खास्त कर दिया है। इन सभी का कोर्ट मार्शल भी किया जाएगा। फौज के मीडिया विंग के डायरेक्टर जनरल (DG-ISPR) अहमद शरीफ चौधरी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इन सभी अफसरों पर दो आरोप हैं। पहला- 9 मई को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद फौज के ठिकानों पर खान समर्थकों ने जो हमले किए, उन्हें इन अफसरों ने नहीं रोका। दूसरा- शक है कि ये अफसर हिंसा की साजिश रचने वालों में भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि अब जल्द ही इमरान को भी गिरफ्तार करके उनके खिलाफ केस मिलिट्री कोर्ट में चलाया जाएगा। 9 मई की हिंसा में 11 लोग मारे गए थे। 283 घायल हुए थे।
पहले इस सख्त एक्शन की वजह जान लीजिए
9 मई को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को 60 अरब रुपए के अल कादिर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट स्कैम में गिरफ्तार किया गया था। एंटी करप्शन यूनिट ने यह गिरफ्तारी इस्लामाबाद हाईकोर्ट के स्कैन रूम से की थी।
गिरफ्तारी के फौरन बाद इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने देश के तमाम हिस्सों में मौजूद फौज के अहम ठिकानों, शहीदों के स्मारकों, वॉर मेमोरियल, हेडक्वार्टर और पाकिस्तान रेडियो के दफ्तरों पर हमले किए।
इस हिंसा के तमाम वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। इसके बाद शाहबाज शरीफ सरकार और फौज ने करीब 7 हजार खान समर्थकों को गिरफ्तार किया। क्रैक डाउन शुरू हुआ तो खान की पार्टी के तमाम बड़े नेताओं ने PTI छोड़ दी। अब खान अकेले पड़ चुके हैं।
इस बीच, फौज ने साफ कर दिया कि 9 मई की हिंसा की साजिश रचने वालों का ट्रायल मिलिट्री कोर्ट में होगा। इमरान और उनके समर्थक इससे घबराए हुए हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट और दूसरी अदालतों के कई जज इमरान समर्थक हैं और यही वजह है कि खान अब तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं।
अल कादिर ट्रस्ट केस में खान की पत्नी बुशरा बीबी और बुशरा की दोस्त फराह गोगी भी आरोपी हैं। गोगी पिछले साल अप्रैल में उसी दिन मुल्क से फरार हो गईं थीं, जिस दिन इमरान की सरकार गिरी थी।
फौज बोली- 9 मई पाकिस्तान के इतिहास का सबसे काला दिन
DG-ISPR ने कहा- दुश्मन 76 साल में पाकिस्तान का जो नुकसान नहीं कर पाए, वो 9 मई को घर में मौजूद लोगों ने कर दिया। अब इन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। 9 मई पाकिस्तान के इतिहास का सबसे काला दिन था। इमरान की गिरफ्तारी पर कहा- सबूत जुटा लिए गए हैं। जांच अब भी जारी है। शहीदों को बेइज्जत किया गया है। एक्शन का इंतजार कीजिए।
60 अरब का स्कैम है अल-कादिर ट्रस्ट केस
सरकार के मुताबिक खान जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने लैंड माफिया मलिक रियाज को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाया। लंदन में उसके 40 अरब जब्त कराए। बाद में ये पैसा ब्रिटेन सरकार ने पाकिस्तान को सौंप दिया। इमरान ने यह जानकारी कैबिनेट को भी नहीं दी।