आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पाकिस्तान अब रूस से सस्ता क्रूड ऑयल नहीं खरीदेगा। इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान में जो रिफाइनरी यूनिट या प्लांट हैं, वो रूसी क्रूड ऑयल को रिफाइन करने में बहुत कम कामयाबी हासिल कर सके हैं। इसकी वजह से उन्हें भारी घाटे का सामना करना पड़ रहा है।

पाकिस्तान ने रूस से बड़ी मिन्नतों के बाद क्रूड इम्पोर्ट डील हासिल की थी। दरअसल, भारत ने डेढ़ साल पहले रूस से सस्ता क्रूड इम्पोर्ट करने की डील की थी। इसके बाद पाकिस्तान की दो सरकारों ने भारत की बराबरी करने के लिए रूस से डील की, लेकिन उसको अब दिखावे का दांव भारी पड़ गया है।

रिफाइनरीज ने हाथ खड़े कर दिए

पाकिस्तानी वेबसाइट ‘द न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक- सरकार ने रूस से क्रूड ऑयल इम्पोर्ट फौरन बंद करने का फैसला किया है। हालांकि, इसके लिए भी बीच का रास्ता निकाला गया है। पहले इम्पोर्ट को सस्पेंड किया गया है। इसके बाद परमानेंट बैन किया जाएगा। यह तरीका इसलिए अपनाया जा रहा ताकि रूस सरकार पाकिस्तान के इस एकतरफा फैसले से नाराज न हो जाए।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है- पाकिस्तान में सिर्फ दो रिफाइनरीज हैं। इन दोनों ने ही साफ कर दिया है कि वो अब रूस का क्रूड ऑयल रिफाइन नहीं कर सकेंगी। इसकी वजह यह है कि अरब देशों के क्रूड की तुलना में बहुत कम रिफाइन पेट्रोल दे पा रही हैं, जबकि 20% ज्यादा फर्नेस ऑयल निकल रहा है।

इसके अलावा रिफाइनिंग के बाद रूसी क्रूड से बहुत कम केरोसिन या शिप फ्यूल मिल रहा है। जाहिर सी बात है कि पाकिस्तान सरकार ने रूस से क्रूड इम्पोर्ट का जो फैसला किया था, वो अब उसके लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है।

‘ये खुदकुशी करने जैसा’

पाकिस्तान और रूस के बीच सिर्फ तीन महीने पहले यह डील हुई थी। शाहबाज शरीफ सरकार ने इसका बड़े पैमाने पर प्रचार भी किया था। इसे बड़ी डिप्लोमैटिक कामयाबी बताया गया और अखबारों में इसके लिए विज्ञापन भी दिए गए थे।

जब यह डील हुई थी तब ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ में इकोनॉमी एक्सपर्ट रिजवान रजी का एक आर्टिकल पब्लिश हुआ था। रजी ने इसमें कहा था- भारत से मुकाबले के लिए पाकिस्तान सरकार ने रूस से क्रूड ऑयल इम्पोर्ट डील तो कर ली, लेकिन हमने अपनी रिफाइनरीज की हालत नहीं देखी। हमारे पास भारत की तरह दर्जनों रिफाइनरीज नहीं हैं और जो हैं, वो इस लायक नहीं हैं कि रूस के भारी क्रूड को रिफाइन कर सकें।

रजी ने आगे लिखा था- हमारी रिफाइनरीज के पास 60 साल पुरानी टेक्नोलॉजी है। ये अरब क्रूड को ही बमुश्किल रिफाइन कर पाती हैं। जाहिर है रूस का क्रूड रिफाइन करने की कोशिश में ये कहीं बंद ही न हो जाएं। रूस से क्रूड इम्पोर्ट का फैसला दिखावे के लिए खुदकुशी करने जैसा होगा।

रजी की यह वॉर्निंग तीन महीने में ही सच साबित हो गई। पाकिस्तान की रिफाइनरीज ने साफ कर दिया है कि वो रशियन क्रूड को रिफाइन नहीं कर सकतीं।