आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए संसद भवन का उद्धाटन 28 मई को करेंगे। सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बनी ये बिल्डिंग प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसका निर्माण जनवरी 2021 में शुरू हुआ था और इसे 28 महीने में बना लिया गया। नया संसद भवन पुरानी बिल्डिंग से 17 हजार स्क्वायर फीट बड़ा है।

इत्तेफाक से इसी दिन विनायक दामोदर सावरकर की 140वीं जयंती भी है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उन्हें नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया। उद्धाटन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। नई बिल्डिंग के सिविल स्ट्रक्चर की सफाई शुरू कर दी गई है। इससे पहले 30 मार्च को प्रधानमंत्री नए भवन को देखने गए थे। वे यहां एक घंटे रुके और अधिकारियों से निर्माण की जानकारी ली थी।

पिछले साल नवंबर में पूरा होना था

PM नरेंद्र मोदी ने 10 दिसंबर 2020 को नए संसद भवन की आधारशिला रखी थी। तब उन्होंने कहा था कि संसद की नई बिल्डिंग से अधिक सुंदर कुछ नहीं हो सकता, जब भारत अपनी आजादी के 75 साल मनाएगा। तिकोने आकार के नए संसद भवन का निर्माण 15 जनवरी 2021 को शुरू हुआ था। इस बिल्डिंग को पिछले साल नवंबर में पूरा हो जाना था। यानी यह डेडलाइन से 6 महीने लेट तैयार हुआ है।

4 मंजिला बिल्डिंग, भूकंप का असर नहीं

पुराना संसद भवन 47 हजार 500 वर्गमीटर में है, जबकि नई बिल्डिंग 64 हजार 500 वर्ग मीटर में बनाई गई है। यानी पुराने से नया भवन 17 हजार वर्ग मीटर बड़ा है। नया संसद भवन 4 मंजिला है। इसमें 3 दरवाजे हैं, इन्हें ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार नाम दिया गया है। सांसदों और VIPs के लिए अलग एंट्री है। इस पर भूकंप का असर नहीं होगा। इसका डिजाइन HCP डिजाइन, प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार किया है। इसके आर्किटेक्ट बिमल पटेल हैं।

संविधान हॉल में संविधान की कॉपी रखी जाएगी

नई बिल्डिंग की सबसे बड़ी विशेषता संविधान हॉल है। कहा जा रहा है कि इस हॉल में संविधान की कॉपी रखी जाएगी। इसके अलावा महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सुभाषचंद्र बोस, देश के प्रधानमंत्रियों की बड़ी तस्वीरें भी लगाई गई हैं।