आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के लिए गुरुवार और शुक्रवार बेहद अहम होने वाले हैं। इस्लामाबाद की एक अदालत ने खान को तोशाखाना केस में बचाव के लिए गवाह पेश करने का आखिरी मौका दिया है। अगर गुरुवार को खान गवाह पेश नहीं कर सके तो शुक्रवार को उन्हें सजा सुनाई जा सकती है।

बुधवार को अदालत ने खान के वकील से पूछा- आपके गवाह अदालत में मौजूद क्यों नहीं हैं? जवाब में खान के वकील ने कहा- हमें कुछ और वक्त दीजिए। इसके बाद अदालत ने साफ कर दिया कि अगर गुरुवार को सही गवाह पेश नहीं हुए तो फैसला सुरक्षित रखा जाएगा और इसका ऐलान शुक्रवार को होगा। हाईकोर्ट ने इस निचली अदालत को एक हफ्ते में केस की सुनवाई पूरा करने का ऑर्डर दिया था।

खान ने टैक्स कन्सलटेंट्स पेश कर दिए

पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को तोशाखाना मामले की अहम सुनवाई होनी थी। इमरान गैरहाजिर रहे। उनके वकील गौहर खान ने जज हुमायूं दिलावर से कहा- खान की सेहत खराब है। लिहाजा, वो आज अदालत नहीं आ सके।

जज ने पूछा- आपने चार गवाहों की लिस्ट दी थी, वो कहां हैं? इमरान के वकील ने कहा- गवाह पेश करने के लिए और वक्त चाहिए। इस पर जज ने कहा- आपने गवाहों की जो लिस्ट अदालत को दी है, वो तो सभी टैक्स कन्सलटेंट्स हैं? ये मामला तो करप्शन और फेक एफिडेविट का है। इससे जुड़े गवाह पेश क्यों नहीं किए जा रहे। हमें लगता है कि आप किसी तरह मामले को लटकाना चाहते हैं, ताकि हम कोई फैसला न दे सकें।

इस पर इमरान के वकील कोई जवाब नहीं दे सके। बाद में जज ने कहा- अदालत को आपकी दौलत के दस्तावेज और टैक्स का ब्योरा नहीं चाहिए। आपको सिर्फ यह बताना है कि वो गवाह कब पेश करेंगे जो तोशाखाना केस से सीधे जुड़े हैं?

आज क्या होगा

रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने गुरुवार की सुनवाई के लिए दो बातें तय की हैं। पहली- इमरान को तोशाखाना केस में अपने बचाव के लिए कोई ऐसा गवाह पेश करना होगा, जो इस मामले से सीधा जुड़ा हो। दूसरी- खान का गवाह पेश हो या न हो। दोनों ही हालात में इलेक्शन कमीशन ऑफ पाकिस्तान और इमरान के वकील आखिरी जिरह करेंगे। ये एक घंटे में पूरी होगी। इसके बाद जज हुमायूं दिलावर फैसला सुरक्षित रख लेंगे और यह शुक्रवार को सुनाया जाएगा।

इमरान अब तक तोशाखाना केस में कोई ऐसा गवाह या सबूत पेश नहीं कर सके हैं, जिससे यह साबित हो सके कि उन्होंने इलेक्शन कमीशन को फेक एफिडेविट नहीं दिया था।