आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका में 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद कैपिटल हिल में हुई हिंसा के मामले में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर क्रिमिनल केस दर्ज किया गया है। उन पर 2020 का चुनाव पलटने की कोशिश के आरोप लगे हैं। इसी के साथ पिछले 5 महीनों में ये तीसरा केस है, जिसमें ट्रम्प पर क्रिमिनल चार्ज लगाए गए हैं।
कैपिटल हिंसा मामले में ट्रम्प पर 4 आरोप लगाए गए हैं। इनमें देश को धोखा देने की कोशिश, सरकारी कामकाज में बाधा डालने की साजिश और जनता के अधिकारों के खिलाफ साजिश रचने जैसे आरोप हैं। इस मामले में सुनवाई के लिए ट्रम्प गुरुवार यानी 3 अगस्त को वॉशिंगटन में फेडरल कोर्ट हाउस में पेश होंगे।
45 पेज की चार्जशीट, जेल की सजा भी मुमकिन
2020 के अमेरिकी चुनाव के परिणामों को पलटने के ट्रम्प की कोशिशों की जांच कर रहे जस्टिस डिपार्टमेंट के स्पेशल काउंसिल जैक स्मिथ ने 45 पेज की चार्जशीट दायर की है। ट्रम्प पर जो आरोप लगाए गए हैं, उनमें से 2 चार्ज में जेल जाने का भी प्रावधान है।
देश का धोखा देने की साजिश के आरोप में ट्रम्प को 20 साल की जेल और लोगों के अधिकारों के खिलाफ साजिश रचने के मामले में उन्हें 10 साल की जेल की सजा हो सकती है।
ट्रम्प ने चुनाव को लेकर झूठ फैलाया
चार्जशीट में कहा गया है कि नवंबर 2020 में चुनाव होने के 2 महीने बाद तक ट्रम्प ने ये झूठ फैलाया कि चुनाव में धांधली हुई है और असल में वो ही इसे जीते हैं। ये आरोप झूठे थे और ट्रम्प ये बात जानते थे। लेकिन वो फिर भी ऐसा करते रहे जिससे देश में गुस्से और अविश्वास का माहौल बने और लोगों का चुनाव प्रक्रिया से विश्वास उठ जाए।
कैपिटल हिंसा मामले में अब तक 1100 आरोपी
केस में स्मिथ ने कहा- हम मामले में जल्द से जल्द सुनवाई पूरी करने की कोशिश करेंगे। 6 जनवरी को कैपिटल हिल पर हुई हिंसा देश के लोकतंत्र पर हमला है। ये हमला झूठ के आधार पर उकसाया गया था। आरोपियों के झूठ की वजह से राष्ट्रपति चुनाव और सरकार के कामकाज में बाधा आई थी।
ट्रम्प के अलावा इस मामले में अब तक 1100 लोगों को आरोपी ठहराया जा चुका है। जस्टिस डिपार्टमेंट जल्द ही करीब 1 हजार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर सकता है।
अब 4 पॉइंट्स में जानिए कैपिटल हिंसा क्या है?
- अमेरिका में 6 जनवरी 2021 को कैपिटल हिल यानी अमेरिकी संसद में ट्रम्प के समर्थकों ने हिंसा की थी। 3 नवंबर 2020 को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग में बाइडेन को 306 और ट्रम्प को 232 इलेक्टोरल वोट मिले। नतीजे सामने आते ही ट्रम्प और उनके समर्थकों ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाए।
- वोटिंग के 64 दिन बाद जब अमेरिकी संसद बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने में जुटी तो ट्रम्प के समर्थक संसद में घुस गए। वहां तोड़फोड़ और हिंसा की। इसमें एक पुलिस अफसर समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा के बाद ट्रम्प पर अपने समर्थकों को भड़काने का आरोप लगा था।