आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ट्विटर के बॉस एलन मस्क ने कहा, ‘उनकी कंपनी के पास स्थानीय सरकारों की बात मानने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। अगर हम कानूनों का पालन नहीं करेंगे तो हमें बंद कर दिया जाएगा।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद एलन मस्क मीडिया से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने ट्विटर के पूर्व CEO जैक डॉर्सी के आरोपों पर पूछे गए सवाल का जवाब दिया।

बीते दिनों जैक डॉर्सी ने एक यूट्यूब चैनल के शो ‘ब्रेकिंग पॉइंट्स विद क्रिस्टल एंड सागर’ में कहा था कि किसान आंदोलन के दौरान कई पत्रकारों के अकाउंट ब्लॉक करने का दबाव बनाया था। ऐसा नहीं करने पर ट्विटर बैन करने की धमकी दी गई थी। एम्प्लॉइज के घर पर छापे मारे गए। उन्होंने कहा था कि ये सब भारत में हुआ जो कि लोकतांत्रिक देश है।

सरकारों के अपने नियम और कानून

एलन मस्क ने कहा कि सरकारों के अलग-अलग तरह के अपने नियम और कानून हैं, इन कानूनों के तहत रहते हुए हम फ्री स्पीच को बढ़ावा देने की पूरी कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम अमेरिका की तरह पूरी दुनिया में काम नहीं कर सकते हैं, क्योंकि हर देश के अलग कानून हैं।’

डॉर्सी के आरोपों को केंद्रीय IT मंत्री ने झूठा बताया था

  1. जैक डॉर्सी ने सरासर झूठ बोला

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने जैक डॉर्सी के बयान को झूठा बताया था। उन्होंने कहा था, ‘डॉर्सी ने जो कुछ कहा है वह सरासर झूठ है। ट्विटर एक ऐसी कंपनी है जो मानती थी कि उसके लिए भारतीय कानूनों का पालन करना जरूरी नहीं है। भारत सरकार शुरू से ही स्पष्ट रूप से बता रही है कि भारत में काम करने वाली सभी कंपनियों को भारतीय कानून को मानना होगा।’

  1. कोई जेल नहीं गया, किसी पर छापा नहीं पड़ा

चंद्रशेखर ने कहा कि 2020 से 2022 के बीच ट्विटर कई बार भारतीय कानून का उल्लंघन कर रहा था। उस पूरी अवधि के दौरान कोई भी जेल नहीं गया और ना ही किसी पर छापा पड़ा। आखिरकार ट्विटर ने जून 2022 से कानून का पालन करना शुरू कर दिया।

  1. डॉर्सी के वक्त ट्विटर का व्यवहार पक्षपाती था

राजीव चंद्रशेखर ने ट्वीट कर कहा, ‘जनवरी 2021 के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान बहुत सारी गलत जानकारियां, यहां तक कि नरसंहार की भी रिपोर्ट आई। यह निश्चित रूप से गलत थीं। भारत सरकार को प्लेटफार्म से गलत जानकारियों को हटाने के लिए बाध्य होना पड़ा, क्योंकि इसमें फर्जी खबरों के आधार पर स्थिति को और भड़काने की कैपेसिटी थी। जैक डॉर्सी के समय ट्विटर का पक्षपातपूर्ण व्यवहार था, उन्हें भारत में प्लेटफार्म से गलत जानकारियों को हटाने में दिक्कत हुई।’