आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक समर्थक को कैपिटल हिंसा मामले में 22 साल की सजा सुनाई गई है। इस व्यक्ति का नाम एनरिक टेरियो है जो एक धुर-दक्षिणपंथी ग्रुप प्राउड बॉयस का पूर्व लीडर है। एनरिक पर 6 जनवरी 2021 को अमेरिका के कैपिटल हिल में हिंसा फैलाने के आरोप में राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था।
कैपिटल हिल हिंसा मामले में ये अब तक की सबसे बड़ी सजा है। इस मामले में 1100 से ज्यादा लोगों पर केस दर्ज किए गए थे। इससे पहले पिछले हफ्ते एनरिक के एक साथी एथेन नॉर्डीन को 18 साल की सजा सुनाई गई थी, जो अब तक सबसे बड़ी सजा थी। कैपिटल हिंसा से जुड़े एक अलग मामले में मई में 18 साल की सजा सुनाई गई थी।
वॉशिंगटन की जिला अदालत ने तीन घंटे तक चली लंबी सुनवाई के बाद एनरिक को दोषी ठहराया। प्राउड बॉयस ग्रुप के 5 लोगों को हिंसा से जुड़े देशद्रोह के मामलों में कोर्ट ने ये आखिरी सजा सुनाई है। अन्य तीन लोगों को 10 से 17 साल के बीच सजा सुनाई गई थी।
राष्ट्रपति चुनाव के रिजल्ट के बाद फैल गई थी हिंसा
अमेरिका में 2020 में हुए राष्ट्रपति चुनाव के रिजल्ट में तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हार हो गई थी। इसके बाद ट्रंप समर्थकों ने कैपिटल हिल का घेराव कर लिया था। ट्रंप समर्थकों ने कैपिटल हिल में तोड़-फोड़ की वारदात को अंजाम दिया था। कैपिटल हिंसा के बाद से ही अमेरिकी जांच एजेंसी FBI लगातार प्राउड बॉयज की जांच कर रही थी। हिंसा में इस ग्रुप के दर्जनों लोगों की भूमिका थी।
अब 4 पॉइंट्स में जानिए कैपिटल हिंसा क्या है?
1. अमेरिका में 6 जनवरी 2021 को कैपिटल हिल यानी अमेरिकी संसद में ट्रम्प के समर्थकों ने हिंसा की थी। 3 नवंबर 2020 को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग में बाइडेन को 306 और ट्रम्प को 232 इलेक्टोरल वोट मिले। नतीजे सामने आते ही ट्रम्प और उनके समर्थकों ने चुनाव में धांधली के आरोप लगाए।
2. वोटिंग के 64 दिन बाद जब अमेरिकी संसद बाइडेन की जीत पर मुहर लगाने में जुटी तो ट्रम्प के समर्थक संसद में घुस गए। वहां तोड़फोड़ और हिंसा की। इसमें एक पुलिस अफसर समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा के बाद ट्रम्प पर अपने समर्थकों को भड़काने का आरोप लगा था।
3. 18 महीने तक मामले की जांच चली। पिछले साल दिसंबर में जांच कमेटी ने एक 845 पेज की रिपोर्ट तैयार की। इसमें ट्रम्प को दोषी ठहराया गया। उनके खिलाफ क्रिमिनल केस चलाने की सिफारिश की गई। इसके लिए 1000 चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए थे। इसके अलावा 940 से ज्यादा लोगों पर भी आरोप लगाए गए। इनमें से 500 लोग अब तक अपना जुर्म कबूल कर चुके हैं।
4. न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, जांच कमेटी ने ट्रम्प पर राष्ट्रपति चुनाव में हार के फैसले को पलटने, विद्रोह भड़काने, आधिकारिक कार्रवाई में बाधा डालने, साजिश रचने, झूठे बयान देने और देश को धोखा देने के आरोप लगाए। इसके बाद कमेटी ने मामले को जस्टिस डिपार्टमेंट को रेफर कर दिया।