आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : ‘ब्रिक्स की मीटिंग से पहले चीन ने हमारे साथ बैठक की, लेकिन सिर्फ एक देश की वजह से पाकिस्तान इस संगठन की बैठक में शामिल नहीं हो पाया।’

27 जून 2022 को ये बात पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कही थी। भले ही पाकिस्तान ने किसी देश का नाम नहीं लिया हो, लेकिन इशारा भारत की तरफ था। इस बयान के ठीक एक साल बाद अब एक बार फिर से पाकिस्तान ने BRICS में शामिल होने की इच्छा जताई है। ये वही संगठन है जिसके मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में पाकिस्तान को आतंकवाद की मां बताया था। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी सोमवार को 15वें ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए रवाना होंगे।

आज की स्टोरी में जानेंगे कि जिस BRICS में पाकिस्तान समेत 40 देश शामिल होना चाहता है वो आखिर है क्या, भारत क्यों और कैसे इसमें पाक की घुसपैठ को रोकेगा…

सवाल 1: सबसे पहले जानिए BRICS है क्या और ये कितना ताकतवर है?

जवाब: JNU के प्रोफेसर राजन कुमार बताते हैं- BRICS संगठन अभी जिस रूप में है, इसके यहां तक पहुंचने का सफर तीन स्टेज में पूरा हुआ है…

पहली स्टेज – RIC यानी रूस, इंडिया और चीन- 1990 के दशक में ये तीनों देश मिलकर एक संगठन बनाते हैं। इस संगठन का नेतृत्व रूसी नेता येवगेनी प्रिमाकोव ने किया। तीनों देशों के साथ आने का मकसद दुनिया की फॉरेन पॉलिसी में अमेरिका के दबदबे को चुनौती देना था और साथ ही अपने संबंधों को नए सिरे से खड़ा करना था।

दूसरी स्टेज- BRIC यानी ब्राजील, रूस, इंडिया और चीन- 2001 में इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने इन चारों देशों को इकोनॉमी के लिहाज से दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया था। इसके बाद 2009 में इन देशों ने साथ आकर संगठन बनाया, जिसे BRIC नाम दिया गया।

तीसरी स्टेज- BRICS यानी ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ्रीका- 2010 में अफ्रीका महाद्वीप को रिप्रेजेंट करने के लिए साउथ अफ्रीका को इस संगठन का हिस्सा बनाया गया। तब इस संगठन को अपना आखिरी रूप मिला और ये BRICS कहलाया।

आज EU को पछाड़ कर BRICS दुनिया का तीसरा ताकतवर आर्थिक संगठन बन गया है।

पश्चिमी देश जब मंदी में फंसे थे, तब भी BRICS देश तेजी से आगे बढ़े

2008-2009 में जब पश्चिमी देश आर्थिक संकट से गुजर रहे थे। तब भी BRICS देशों की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही थी। BRICS संगठन के बनने का कॉन्सेप्ट ही ‘राइजिंग इकोनॉमी’ के आधार पर टिका है।