आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पूर्व लॉ मिनिस्टर किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को अर्थ-सांइंस मंत्रालय जॉइन कर लिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा- मुझे किसी गलती की वजह से लॉ मिनिस्ट्री नहीं छोड़नी पड़ी। आरोप लगाना विपक्ष के लोगों का काम है। मंत्रालय बदलना सरकार की प्रोसेस का हिस्सा है। फेरबदल होते रहते हैं।

केंद्र ने गुरुवार को लॉ मिनिस्ट्री में बड़ी सर्जरी की। किरेन रिजिजू से यह मंत्रालय वापस ले लिया गया। रिजिजू की जगह अर्जुन राम मेघवाल लॉ मिनिस्टर बनाया गया। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि मेघवाल को स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है। रिजिजू कॉलेजियम पर टिप्पणियों को लेकर काफी चर्चाओं में रहे हैं।

मेघवाल के पास संसदीय मामलों के राज्य मंत्री का जिम्मा भी है। बीकानेर से सांसद मेघवाल मोदी के दूसरे टर्म में कानून मंत्रालय संभालने वाले तीसरे मंत्री होंगे। रिजिजू को अर्थ साइंस मंत्रालय और कानून राज्यमंत्री एसपी सिंह बघेल को राज्यमंत्री के रूप में स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय दिया गया है।

रिजिजू का मंत्रालय बदलने पर कांग्रेस की अलका लांबा ने कहा- जजों की नियुक्तियों और अदालतों पर रिजिजू की टिप्पणियों से मोदी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई थीं। सरकार ने अपनी छवि बचाने के लिए अपने कानून मंत्री की बलि देकर अच्छा किया।

मदुरै से कांग्रेस सांसद मनिक्कम टैगोर ने कहा- वे बहुत अच्छे खेल मंत्री थे, लेकिन कानून मंत्री के रूप में फेल रहे।

नए CBI चीफ के नाम के साथ ही तय हो गई थी रिजिजू की विदाई

कानून मंत्रालय से किरेन रिजिजू की विदाई यूं ही नहीं हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह फैसला कई स्तरों पर मिले फीडबैक के बाद लिया। दरअसल, इसी हफ्ते सीबीआई के नए डायरेक्टर प्रवीण सूद के नाम पर मुहर लगाने के लिए पीएम की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और लोकसभा में सबसे बड़े दल कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी मौजूद थे।

रिजिजू के विवादित बयान के बाद PM ने संज्ञान लिया

सूत्रों का कहना है कि इस मीटिंग के बाद रिजिजू के विवादित PM के संज्ञान में लाए गए। रिजिजू ने कुछ रिटायर्ड जज एंटी इंडिया ग्रुप का हिस्सा बन गए हैं जैसे विवादित बयान दिए थे। उन्होंने कुछ जजों को एंटी इंडिया ग्रुप का हिस्सा बताया था, जिसके बाद 300 से ज्यादा वकीलों ने नाराजगी जताई थी। सूत्रों का कहना है कि पीएमओ में रिजिजू के बयानों की समीक्षा हुई। विपक्ष के आरोपों व अंतरराष्ट्रीय मीडिया में छपी खबरों की भी समीक्षा हुई।