ओडिशा में दो रहस्यमयी मौतों के बाद एक और नागरिक लापता हो गया है। जिसको लेकर रूसी नागरिकों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते

भुवनेश्वर: ओडिशा में एक के बाद एक दो रहस्यमयी मौतों के बाद एक और नागरिक लापता हो गया है। इससे पहले ओडिशा में सांसद समेत दो नागरिकों की पहले ही मौत हो चुकी है जो कि पुतिन आलोचक बताए जा रहे थे। बीते शुक्रवार को एक और रूसी के लापता होने के बाद सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं। दरअसल रूसी सांसद की मौत में जांच को लेकर पहले से ही पुलिस सवालों के घेरे में थी। जिसके बाद लगातार ओडिशा में रूसी नागरिकों के साथ हो रहे ये वाकये अपने आपमें हैरान कर देने वाले हैं। ऐसे में एक रूसी नागरिक को हाथों में तख्ती लिए देखा गया जो कि पुतिन के खिलाफ था। उसका कहना था कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध पर विराम लगना चाहिए। ओडिशा क्राइम ब्रांच की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वह दो रूसी नागरिकों की मौत मामले में इंटरपोल से मदद मांगने की योजना बना रही है।

इंटरपोल से मदद की बात आई सामने

ओडिशा क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को कहा कि वह रायगड़ा जिले में सांसद और पुतिन आलोचक एंटोव पावेल सहित दो रूसियों की मौत की जांच में इंटरपोल से मदद मांगने की योजना बना रही है। अपराध शाखा के अधिकारियों ने कहा कि वे समन्वय के लिए सीबीआई को स्थानांतरित करेंगे, जो भारत में इंटरपोल के राष्ट्रीय ब्यूरो के रूप में कार्य करती है। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने कहा, ‘हम सभी संभावित कोणों की जांच कर रहे हैं और रूस में पावेल के परिचितों के बारे में कुछ विवरणों को सत्यापित करने के लिए इंटरपोल से संपर्क करना एक विकल्प है।’

दो मौतों की अनसुलझी गुत्थी

ओडिशा में बीते दिनों पहले हुई दो मौतों की गुत्थी अनसुलझी दिख रही है। जिसमें होटल से गिरकर एक रूसी नागरिक की मौत के साथ ही सांसद की मौत शामिल है। रूसी सांसद की मौत को लेकर इसलिए भी सवाल खड़े हो रहे हैं क्योंकि उसके पोस्टमार्टम के बाद आगे की जांच के लिए विसरा तक संरक्षित नहीं किया गया। वहीं इसको लेकर राज्य के पूर्व पुलिस अधिकारियों तक ने सवाल खड़े किए हैं। वहीं ऐसे में एक और नागरिक का यूं लापता हो जाना अपने में हैरान कर देने वाला है। जिसको लेकर ओडिशा में पुतिन आलोचक रूसी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बड़ा प्रश्नचिन्ह लग गया है।

पुतिन के खिलाफ दिखा रूसी नागरिक

एक और रूसी नागरिक के शुक्रवार को लापता होने के बाद एक रूसी को एक तख्ती के साथ रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करते देखा गया था। तख्ती पर लिखा था कि उसे मदद की जरूरत है और वह पुतिन के खिलाफ है। रूसी नागरिक का कहना था कि पुतिन को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को रोक देना चाहिए। रूसी पासपोर्ट धारक, जो अपने 60 के दशक में है उसने कहा, ‘मैं एक रूसी शरणार्थी हूं और बेघर हूं।। मैं यूक्रेन युद्ध और पुतिन के खिलाफ हूं। कृपया मेरी मदद करें।’ यात्रियों ने उसे एक प्लेटफार्म पर देखा। हालांकि पुलिस के मौके पर पहुंचने पर वह वहां से गायब हो गया।