विश्व हिन्दू परिषद की राष्ट्रीय स्तर की बैठक के लिए इस बार इंदौर को चुना गया है। पांच दिवसीय बैठक बुधवार से शुरू होगी। जिसमें महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

विश्व हिन्दू परिषद की केंद्रीय समिति की बैठक इंदौर में 29 दिसंबर से शुरू होगी।

बैठक में 50 से ज्यादा देशों के 300 पदाधिकारी जुटेंगे। पांच दिवसीय बैठक बायपास पर अग्रसेन भवन में होगी। वहां के आसपास के मैरेज गार्डनों में पदाधिकारियों के रुकने की व्यवस्था की गई है। बैठक में अयोध्या राम मंदिर निर्माण, धर्मांतरण,गौरक्षा जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। 29 दिसंबर से 1 जनवरी तक होने वाली इस बैठक में राम मंदिर निर्माण समिति के महामंत्री चंपत राय, भैय्या जी जोशी,वीएचपी के महामंत्री मिलिंद पराड़े के उद्भोदन भी होंगे।

मालवा प्रांत के पदाधिकारियों ने बैठक को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली है। अग्रसेन भवन के समीप के दो मैरेज गार्डनों में पदाधिकारी रुकेंगे। दिनभर दो सत्र होंगे। बैैठक में परिषद के नए वर्ष में होने वाले कार्यक्रमों की रुपरेखा पर भी चर्चा होगी। राम मंदिर निर्माण पूर्ण होने के बाद होने वाले आयोजनों पर पदाधिकारी चर्चा करेंगे। अनुशांगिक संगठन भी होंगे शामिल बैठक में वीएचपी से जुड़े अनुशांगिक संगठन बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी, हिन्दू जागरण मंच के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल होंगे।

ज्यादातर पदाधिकारी मंगलवार शाम तक इंदौर आ जाएंगे। दो साल से कोरोना की वजह से समिति की बैठक नहीं हो पाई थी। पदाधिकारी वर्चुअल मुद्दों पर चर्चा करते थे। 13 साल पहले मिली थी मालवा प्रांत को मेजबानीवीएचपी की वार्षिक बैठक अलग-अलग शहरों में होती है। वीएचपी के मालवा प्रांत को १३ साल पहले इस तरह की बैठक की मेजबानी का मौका मिला था। तब भी तीन दिनों तक पदाधिकारी इंदौर में रुके थे और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी।