आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/ आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: चीन के सोशल मीडिया ऐप टिकटॉक को आस्ट्रेलिया की सरकार बैन कर दिया है। न्यूज एजेंसी के अनुसार, आस्ट्रेलिया की फेडरल गवर्नमेंट ने सिक्योरिटी ब्रीच की चिंताओं के कारण ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिसके बाद अब गवर्नमेंट ऑफिसर्स के ऑफिसियल डिवाइस पर टिकटॉक नहीं चलेगा।

टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही ऑस्ट्रेलिया उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिन्होंने अपने देश में चीनी वीडियो ऐप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे पहले अमेरिका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और न्यूजीलैंड की सरकारें टिकटॉक पर बैन लगा चुकी हैं।

सिक्योरिटी एजेंसियों की सलाह के बाद बैन हुआ ऐप

अटॉर्नी-जनरल मार्क ड्रेफस ने इंटेलिजेंस और सिक्योरिटी एजेंसियों से सलाह लेने के बाद ऐप में बैन लगाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि “आज मैंने अटॉर्नी-जनरल विभाग के सचिव को राष्ट्रमंडल विभागों और एजेंसियों के जरिए इश्यू किए डिवाइस पर टिकटॉक ऐप को बैन करने का निर्देश जारी किया है। यह जितना जल्दी संभव होगा उतना जल्दी लागू किया जाएगा।”

टिकटॉक ने फैसले को बताया राजनीति से प्रेरित

टिकटॉक के ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के जनरल मैनेजर ली हंटर ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि टिकटॉक किसी भी तरह से ऑस्ट्रेलियाई लोगों की सिक्योरिटी के लिए खतरा है। इसे दूसरे तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तरह ट्रीट नहीं किया जाना चाहिए। टिकटॉक ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार के इस फैसले को राजनीति से प्रेरित बताया है।​​​​​​

भारत में भी बैन है टिकटॉक

मोदी सरकार ने चार साल पहले टिकटॉक पर बैन लगाया था। चाइनीज कंपनी के वीडियो ऐप टिकटॉप पर पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देने के आरोप थे। इसके अलावा उस पर भारतीयों का डेटा चोरी करने के आरोप का भी सामना करना पड़ा था। सबसे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने इस पर बैन लगाया था।

हाईकोर्ट से बैन होने के बाद टिकटॉक ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने भी मद्रास हाईकोर्ट के ऑर्डर को बहाल रखा था।

भारत में बैन की वजह से इसकी पेरेंट कंपनी बाइटडांस को रोज 5 लाख डॉलर (3.50 करोड़ रुपए) का नुकसान हो रहा है। मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि टिकटॉक की डाउनलोडिंग पर रोक लगाई जाए, इससे पोर्नोग्राफी को बढ़ावा मिल रहा है। इसके बाद सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एपल को गूगल को अपने ऑनलाइन स्टोर से टिकटॉक हटाने के लिए कहा था। दोनों कंपनियों ने ऐप हटा दिया। उस समय देश में टिकटॉक के 24 करोड़ यूजर थे।