आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : फाइनेंशियल ईयर 23 की चौथी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP के आंकड़े बुधवार को जारी होंगे। विश्लेषकों का अनुमान है कि जनवरी-मार्च तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 4.9%-5.5% के आसपास रहेगी। पिछली तिमाही यानी दिसंबर 2022 में ये 4.4% थी। इससे पहले सितंबर में ये 6.3% की दर से बढ़ी थी।
RBI ने अपनी एनुअल रिपोर्ट में कहा कि Q4FY23 में रियल GDP 5.1% की दर से बढ़ने का अनुमान है। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने चौथी तिमाही के लिए GDP ग्रोथ रेट 5.5% रहने का अनुमान लगाया है। FY23 के लिए भारत की GDP ग्रोथ 7.1% रहने की संभावना है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय यानी NSO ने FY23 में GDP ग्रोथ रेट 7% रहने का अनुमान लगाया है।
GDP क्या है?
GDP इकोनॉमी की हेल्थ को ट्रैक करने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे कॉमन इंडिकेटर्स में से एक है। GDP देश के भीतर एक स्पेसिफिक टाइम पीरियड में प्रड्यूज सभी गुड्स और सर्विस की वैल्यू को रिप्रजेंट करती है। इसमें देश की सीमा के अंदर रहकर जो विदेशी कंपनियां प्रोडक्शन करती हैं उसे भी शामिल किया जाता है। जब इकोनॉमी हेल्दी होती है, तो आमतौर पर बेरोजगारी का लेवल कम होता है।
दो तरह की होती है GDP
GDP दो तरह की होती है। रियल GDP और नॉमिनल GDP। रियल GDP में गुड्स और सर्विस की वैल्यू का कैलकुलेशन बेस ईयर की वैल्यू या स्टेबल प्राइस पर किया जाता है। फिलहाल GDP को कैलकुलेट करने के लिए बेस ईयर 2011-12 है। यानी 2011-12 में गुड्स और सर्विस के जो रेट थे उस हिसाब से कैल्कुलेशन। वहीं नॉमिनल GDP का कैलकुलेशन करेंट प्राइस पर किया जाता है।
कैसे कैलकुलेट की जाती है GDP?
GDP को कैलकुलेट करने के लिए एक फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। GDP=C+G+I+NX, यहां C का मतलब है प्राइवेट कंजम्पशन, G का मतलब गवर्नमेंट स्पेंडिंग, I का मतलब इन्वेस्टमेंट और NX का मतलब नेट एक्सपोर्ट है।
GVA क्या है ?
ग्रॉस वैल्यू ऐडेड यानी जीवीए, साधारण शब्दों में कहा जाए तो GVA से किसी अर्थव्यवस्था में होने वाले कुल आउटपुट और इनकम का पता चलता है। यह बताता है कि एक तय अवधि में इनपुट कॉस्ट और कच्चे माल का दाम निकालने के बाद कितने रुपए की वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन हुआ। इससे यह भी पता चलता है कि किस खास क्षेत्र, उद्योग या सेक्टर में कितना उत्पादन हुआ है।