आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका के टेनेसी राज्य में मौजूद एक जू में ऐसा जिराफ जन्मा है, जिसके शरीर पर कोई भी धारी नहीं है। इसे दुनिया का पहला ‘स्पॉटलेस’ जिराफ कहा जा रहा है। इसका कलर पूरी तरह ब्राउन है। खास बात यह है कि इस जिराफ की मां के शरीर पर आम जिराफ की तरह धारियां मौजूद हैं।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक- जिराफ का नाम रखने के लिए जू एडमिनिस्ट्रेशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मदद ली है। दरअसल, जू एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि जिस तरह का यह यूनीक जिराफ है, उसका नाम भी उतना ही यूनीक यानी अनोखा होना चाहिए।

एक्सपर्ट्स भी हैरान

इस जिराफ का जन्म 31 जुलाई को हुआ था। हालांकि, ऑफिशियली इसकी जानकारी अब सामने आई है। यह मादा जिराफ है। ब्राइट जू में जन्मे इस जिराफ के बारे में एडमिनिस्ट्रेशन ने कहा- हमने जिराफ के एक्सपर्ट्स से बातचीत की है। अब तक जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक, दुनिया में बिना धारियों वाला कोई जिराफ नहीं है। इसका कलर पूरी तरह ब्राउन है। इसके अलावा उसका पूरा शरीर ठीक वैसा ही है, जैसा बाकी जिराफों का होता है।

इसकी हाइट करीब 6 फीट है। जू एडमिनिस्ट्रेशन उसको स्पेशल ट्रीटमेंट और केयर दे रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स भी अब तक यह नहीं बता सकें कि आखिर कैसे यह मादा जिराफ बिना धारियों के पैदा हुई।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिराफ को धारियां उसकी मां से ही मिलती हैं। अब चूंकि इस जिराफ की मां के शरीर पर भी आम जिराफों की तरह धारियां मौजूद हैं तो फिर यह लिटिल जिराफ बिना धारियों के पैदा कैसे हुआ?

अफ्रीका में इनके वजूद पर खतरा

ब्राइट जू के एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक- टेनेसी में हर जिराफ का खास ध्यान रखा जाता है। सबसे ज्यादा जिराफ अफ्रीका में पाए जाते हैं, लेकिन वहां इनका शिकार काफी हो रहा है, लिहाजा वहां इनका वजूद ही खतरे में आ गया है।

एडमिनिस्ट्रेशन ने आगे कहा- जबसे इस मादा जिराफ का जन्म हुआ है, वर्ल्ड मीडिया का फोकस इस पर हो गया है। यही वजह है कि हमें इसकी हिफाजत का भी खास ख्याल रखना पड़ रहा है। आंकड़ों की बात करें तो दुनिया में 30 साल के दौरान 40% जिराफ कम हो गए हैं। हमने इसका नाम रखने के लिए एक कॉन्टेस्ट शुरू किया है। एक नाम किपकी (Kipekee) पर विचार किया जा रहा है। इसका मतलब होता है- यूनीक। इसके अलावा एक और नाम भी सामने आया है- जामेला। इसका मतलब होता है- सबसे खूबसूरत चीजों में से एक।