आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अमेरिका पर नजर रखने के लिए चीन लैटिन अमेरिकी देश क्यूबा में एक खुफिया बेस बनाने जा रहा है। ये दावा अमेरिकी न्यूजपेपर वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में किया गया है। इसमें बताया गया है कि खुफिया स्टेशन बनाने के बदले चीन ने क्यूबा को कई बिलियन डॉलर ऑफर किए हैं।

ये स्टेशन अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य से 160 किमी की दूरी पर होगा। हालांकि, क्यूबा ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। क्यूबा के विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका की उन पर आर्थिक पाबंदियां लगाने के लिए एक नई चाल है।

मैप में फ्लोरिडा और क्यूबा के बीच की दूरी देखें…

रिपोर्ट में और क्या कहा गया है?

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि क्यूबा में बनाए गए चीन के खुफिया स्टेशन से अमेरिका के साउथ ईस्टर्न इलाके की जानकारी हासिल की जा सकती है। यहां अमेरिका के कई मिलिट्री बेस हैं।

चीन खुफिया स्टेशन के जरिए अमेरिका के जहाजों के ट्रैफिक को भी ट्रैक कर पाएगा। अमेरिका के सेंट्रल कमांड का हेडक्वार्टर भी फ्लोरिडा के टाम्पा में है। वहीं अमेरिका की मिलिट्री का सबसे बड़ा बेस नॉर्थ कैरोलिना में है जो क्यूबा से 986 मील की दूरी पर है।

अमेरिका बोला ये रिपोर्ट गलत पर हम सतर्क

क्यूबा में अमेरिका के खुफिया स्टेशन बनाने की खबरों को व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने गलत बताया है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि चीन और क्यूबा के करीबियों से हमें हमेशा डर रहा है। उन्होंने कहा- हमारा प्रशासन सभी एक्टिविटीज को मॉनिटर कर रहा है। हम अपने देश की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ताइवान और जासूसी गुब्बारे की वजह से चीन और अमेरिका के बीच विवाद लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में क्यूबा में खुफिया स्टेशन दोनों के रिश्ते और खराब कर देगा। हालात रूस-अमेरिका के बीच हुए कोल्ड वॉर जैसे हो सकते हैं।

1959 से क्यूबा और अमेरिका का रिश्तों में खटास

1959 में क्यूबा में फिदेल कास्त्रो ने लंबी लड़ाई के बाद कम्युनिस्ट सरकार बनाई। तब से अमेरिका और क्यूबा की आपस में नहीं बनती है। इसके बाद शीत युद्ध के वक्त क्यूबा ने रूस का साथ दिया। क्यूबा में रूस के कई सैन्य ठिकाने थे। हालात ये हो गए थे कि 1962 में क्यूबा से अमेरिका और रूस के बीच परमाणु जंग तक छिड़ सकती थी। रूस ने अमेरिका पर अटैक करने परमाणु मिसाइलें तक तैनात कर ली थी। हालांकि, फिर हमला टल गया था।