आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : अफगानिस्तान में 2 साल पहले तालिबान के सत्ता पर कब्जे के बाद सोमवार को पहली बार अमेरिका और तालिबान के अधिकारियों की कतर में मुलाकात हुई। इस दौरान अमेरिका ने अफगानिस्तान में उन पॉलिसी को बदलने पर जोर दिया, जिनके जरिए तालिबान ह्यूमन राइट्स को खत्म करने के साथ महिलाओं पर पाबंंदियां बढ़ाता जा रहा है।

अमेरिकी अधिकारी ने तालिबान सरकार से लड़कियों की पढ़ाई और महिलाओं की नौकरी करने पर लगे बैन को हटाने के लिए कहा। साथ ही उन्होंने तालिबान की हिरासत में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को रिहा करने पर जोर दिया।

दूसरी तरफ, तालिबान ने अपने नेताओं पर लगे ट्रैवल बैन को हटाने की मांग की। साथ ही उन्होंने अमेरिका से 10 अरब डॉलर वापस लौटाने की मांग की।

बाइडेन ने कहा था- 9/11 पीड़ितों की मदद के लिए इस्तेमाल होगा पैसा

दरअसल, अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जा के बाद अमेरिका ने अफगान संपत्ति अपने कंट्रोल में ले ली थी। इस दौरान अमेरिकी प्रेसिडेंट जो बाइडेन ने कहा था कि इसका इस्तेमाल वो 9/11 पीड़ितों के परिवारों की मदद में करेंगे।

9/11 हमले के कुछ पीड़ित परिवारों ने तालिबान पर मुकदमा कर दिया था, जिसे वो जीत भी गए थे। ये परिवार इन पैसों से केस के समय लिए गए कर्ज को चुकाना चाहते थे। हालांकि, फरवरी में न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि 9/11 हमले के पीड़ित इन पैसों का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।

जज जॉर्ज डेनियल्स ने अपने 30 पेज के ओपिनियन में कहा था- तालिबान को अमेरिका के इतिहास में हुए सबसे खतरनाक हमले की जिम्मेदारी लेते हुए खुद मुआवजा भरना चाहिए, लेकिन अमेरिका अफगान सेंट्रल बैंक के पैसों को जब्त नहीं कर सकता है। अगर उन्होंने ऐसा किया तो इसका सीधा मतलब यही होगा कि अमेरिका तालिबान सरकार को मान्यता दे रही है।

अमेरिका बोला- तालिबान राज में आतंकी हमले कम हुए

अमेरिका सहित अब तक किसी भी देश में तालिबान को अफगानिस्तान की सरकार के तौर पर मान्यता नहीं दी है। रविवार को कतर में दोनों देशों के डेलिगेशन के बीच बातचीत के दौरान अमेरिका ने इस बात पर सहमति जताई कि तालिबान के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान की जनता पर आतंकी हमले कम हुए हैं।

तालिबान ने 2021 में वादा किया था कि वो अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका, उसके सहयोगी और अफगानिस्तान के लोगों पर आतंकी हमले के लिए नहीं होने देंगे।

मान्यता की मांग कर रहा तालिबान

अफगानिस्तान लगातार दुनिया से उसे मान्यता देने की मांग करता रहा है। पिछले हफ्ते तालिबान के कार्यकारी रक्षा मंत्री मुल्लाह मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने अल-अरेबिया न्यूज चैनल को एक इंटरव्यू दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा था- सरकार ने मान्यता हासिल करने के लिए सारी जरूरतों को पूरा किया है। इसके बावजूद अमेरिका के दबाव में आकर दूसरे देश हमें मान्यता नहीं दे रहे हैं।

हम उन देशों से मान्यता की अपील करते हैं जो अमेरिका के दबाव में नहीं हैं। हम चाहते हैं कि दुनिया के ताकतवर इस्लामिक देश हमें सरकार के तौर पर पहचानें। मुजाहिद ने कहा- अफगानिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बातचीत करने और उनकी चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि अगर सउदी अरब उन्हें मान्यता देने को तैयार हो जाता है तो वो 58 और मुस्लिम देशों से बातचीत करने की तैयारी कर रहे हैं।