राहुल गांधी कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं. इस पदयात्रा के दौरान पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अलग ही अंदाज में नजर आ रहे हैं.

इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने ट्रैवल एंड फूड चैनल ‘कर्ली टेल्स’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि अगर वे प्रधानमंत्री बनते हैं तो क्या करेंगे. साथ ही उन्होंने अपनी डाइट, वर्कआउट के बारे में बात की.

प्रधानमंत्री बनते हैं तो क्या करेंगे? इस सवाल पर पहले तो राहुल बचते नजर आए. फिर उन्होंने कहा कि अगर वह प्रधानमंत्री बनेंगे तो तीन चीजें करेंगे. पहली- शिक्षा प्रणाली में बदलाव, दूसरी- लघु व मध्यम उद्यमों की सहायता और तीसरी- मुश्किल दौर से गुजर रहे लोगों, जैसे कि किसानों और बेरोजगार नौजवानों की मदद.

इंटरव्यू में राहुल गांधी ने अपनी पहली नौकरी के बारे में भी बताया. कांग्रेस सांसद ने कहा कि उन्होंने लंदन की रणनीतिक सलाहकार फर्म ‘मॉनिटर कंपनी’ में जॉब की दी और तब वह 24-25 साल के रहे होंगे. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें पहली तनख्वाह के रूप में ढाई से तीन हजार पाउंड का चेक मिला था.

राहुल गांधी अपनी फिटनेस के लिए भी सुर्खियों में रहते हैं. उन्होंने स्कूबा डाइविंग, फ्री डाइविंग, साइक्लिंग, बैकपैकिंग (अकेले घूमने की आदत) और मार्शल आर्ट एकिदो में अपनी दिलचस्पी के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि वे मार्शल आर्ट के अलावा डाइविंग भी जानते हैं. राहुल ने बताया कि वह यात्रा के दौरान रोजाना मार्शल आर्ट की एक क्लास लेते हैं.

उन्होंने कहा कि मैं कॉलेज में मुक्केबाजी करता था. मैंने हमेशा कोई न कोई व्यायाम किया है. मार्शल आर्ट बहुत सुविधाजनक हैं, वे हिंसक होना नहीं सिखाते बल्कि इसके बिल्कुल विपरीत है. मार्शल आर्ट की गलत व्याख्या की जाती है कि लोगों को नुकसान पहुंचाओ, उन पर हमला करो, लेकिन अगर आप इसके उद्देश्य को अच्छी तरह से समझेंगे तो ये आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित होंगे.

सोते समय सिरहाने रखी चीजों के बारे में पूछे जाने पर राहुल ने कहा कि उनके बेड की दराज में रुद्राक्ष, शिव सहित अन्य देवी-देवताओं के चित्र और उनका बटुआ होता है. बता दें कि, राहुल गांधी की अगुवाई वाली भारत जोड़ो यात्रा के इस समय जम्मू-कश्मीर में है.

सात सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई ये यात्रा 30 जनवरी को श्रीनगर में संपन्न होगी. राहुल गांधी उस दिन एक विशाल रैली में अपनी पार्टी के मुख्यालय में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे. यात्रा के समापन समारोह में कई विपक्षी दलों को भी आमंत्रित किया गया है.