आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारतीय एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट ने क्रेडिट सुइस को 1.5 मिलियन डॉलर यानी करीब 12.45 करोड़ रुपए का बकाया चुका दिया है। कंपनी ने आज यानी 15 सितंबर को इस बात की जानकारी दी है। कंपनी ने अपने स्टेटमेंट में बताया की उसने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 14 सितंबर को यह पेमेंट कर दिया है। कंपनी को इसके लिए 22 सितंबर तक का समय दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने 11 सितंबर को स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह को क्रेडिट सुइस केस में 12.45 करोड़ जमा करने को कहा था। इसमें 4.15 करोड़ रुपए (5 लाख डॉलर) का इंस्टॉलमेंट पेमेंट और 8.29 करोड़ रुपए (1 मिलियन डॉलर) का डिफॉल्ट अमाउंट शामिल था। कोर्ट ने एयरलाइन के चेयरमैन को डेडलाइन के भीतर पेमेंट नहीं करने पर तिहाड़ (जेल) भेज देने की चेतावनी दी थी।

कोर्ट ने कहा था हर हाल में पैसा चुकाओ

जस्टिस विक्रम नाथ और अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की बेंच ने 2015 के इस क्रेडिट सुइस मामले की सुनवाई की है। जजों ने कहा था- यह (मामला) काफी हो गया, अब हमें काफी कठोर स्टेप लेने होंगे। हमें कोई फर्क नहीं पड़ता अगर स्पाइसजेट शट-डाउन हो जाए या बंद हो जाए, लेकिन अजय सिंह को सहमति की शर्तों को मानना ही होगा।

क्या है क्रेडिट सुइस मामला?

स्विट्जरलैंड बेस्ड कंपनी SRT टेक्निक्स (क्रेडिट सुइस) के साथ स्पाइस जेट ने साल 2011 में विमान इंजन के मेंटेनेंस के लिए 10 साल की डील की थी। साल 2013 में क्रेडिट सुइस ने स्पाइसजेट पर समय पर पेमेंट नहीं करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया था।

मामले की सुनवाई करते हुए मद्रास हाई कोर्ट ने स्पाइसजेट को 2021 तक बंद कर देने का आदेश दे दिया था। हाइकोर्ट के इस आदेश के खिलाफ स्पाइसजेट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दर्ज की थी। इसके बाद SC ने इस मामले को दोनों पक्षों को आपसी सहमती से सुलझाने को कहा था।

मई 2022 में क्रेडिट सुइस और एयरलाइन के बीच समझौता हुआ था। जिसके तहत स्पाइसजेट को एडवांस पेमेंट और बकाया पेमेंट के रूप में करीब 199 करोड़ रुपए क्रेडिट सुइस को एक निश्चित समय के भीतर देने की बात हुई थी।

स्‍पाइसजेट ने KAL एयरवेज के 100 करोड़ रुपए चुकाए

स्पाइसजेट ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को पूर्व प्रमोटर कलानिधि की KAL एयरवेज को बकाये 100 करोड़ रुपए की पूरी राशि भी चुका दी है। इस पेमेंट के बाद कंपनी को क्रेडिट सुइस का पैसा चुकाना था।

सोमवार को स्पाइसजेट ने कोर्ट को बताया था कि उसने कलानिधि मारन को 100 करोड़ के बकाये में से 62.5 करोड़ रुपए दे दिए हैं और 37.5 करोड़ की राशि बाकि थी। इसके बाद कोर्ट ने एयरलाइन को रेगुलर बैंकिंग ऑवर्स के अंदर अगले दिन के अंत तक बाकी राशि चुकाने की डेडलाइन दी थी।

इससे पहले 24 अगस्त को दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने पिछले फैसले में स्पाइसजेट के चेयरमैन और MD अजय सिंह को 10 सितंबर तक मारन को 100 करोड़ रुपए का भुगतान करने को कहा था।