आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : चीन में सरकारी कर्मचारियों के आईफोन इस्तेमाल के रोक की रिपोर्ट के बाद एपल के शेयरों में लगातार दूसरे दिन गिरावट आई है। पिछले दो दिनों में कंपनी के शेयर करीब 6% टूटे है। गुरुवार को ये 5.35 डॉलर या 2.92% नीचे 177.56 डॉलर पर बंद हुए।
एपल का तीसरा सबसे बड़ा बाजार चीन है। इसका पिछले साल के कुल राजस्व 394 बिलियन डॉलर में 18% हिस्सा था। चीन में एपल के सबसे ज्यादा प्रोडक्ट भी मैन्युफैक्चर किए जाते हैं। सरकारी कर्मचारियों पर प्रतिबंध से चीन में आईफोन की बिक्री 5% तक कम हो सकती है।
चीन में सरकारी अधिकारियों के आईफोन इस्तेमाल पर रोक
दो दिन पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि चीन ने अमेरिकी कंपनी एपल सहित दूसरे देशों के डिवाइस के यूज पर रोक लगा दी है। हालांकि, यह रोक केवल सरकारी अधिकारियों पर लागू होगी। अधिकारियों से कहा गया है कि वह ऑफिस में इन डिवाइसों को न लाएं और न ही काम के लिए यूज करें।
चीन की सरकार ने अधिकारियों को देश में बने फोन को इस्तेमाल करने के लिए कहा है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने एपल के अलावा अन्य फोन मैन्युफैक्चरर का नाम नहीं लिया है। अभी तक एपल ने इसके बारे में कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, चीन की सरकार ने भी इस पाबंदी के बारे में ऑफिशियल तौर कोई भी जानकारी नहीं दी है।
एपल के ‘वंडरलस्ट’ इवेंट से पहले लगाया प्रतिबंध
चीन ने सरकारी अधिकारियों के आईफोन इस्तेमाल करने पर यह प्रतिबंध ऐसे समय में लगाया है, जब कंपनी 12 सितंबर को कैलिफोर्निया में वंडरलस्ट इवेंट करने वाली है। इस इवेंट में एपल आईफोन 15 सीरीज के साथ एपल वॉच सीरीज 9 और एपल वॉच अल्ट्रा 2 को भी लॉन्च कर सकता है।
रूस आईफोन से अमेरिका पर जासूसी करने आरोप लगा चुका है
तीन महीने पहले रूस ने अमेरिका पर आईफोन से जासूसी करने का आरोप लगाया था। हालांकि, एपल ने सभी आरोपों को खारिज किया था। एपल ने कहा था, ‘हमने कभी भी किसी देश की सरकार के साथ मिलकर फोन में छेड़छाड़ नहीं की है और न ही कभी करेंगे।’
18% आईफोन मैन्युफैक्चरिंग को भारत शिफ्ट कर सकता है एपल
एपल 2025 तक 18% ग्लोबल आईफोन मैन्युफैक्चरिंग को भारत शिफ्ट करने पर विचार कर रहा है। बैंक ऑफ अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार की प्रोडक्शन-लिंक्ड इन्सेंटिव स्कीम (PLI) एपल को देश में मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।
बैंक ऑफ अमेरिका ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि सरकार की PLI स्कीम केवल एपल की नहीं, बल्कि इंडिया की मदद कर सकती है। यह स्कीम वित्त वर्ष 2026 तक मोबाइल फोन का डोमेस्टिक प्रोडक्शन 3 गुना बढ़ाकर 126 अरब डॉलर और निर्यात 5 गुना बढ़ाकर 55 अरब डॉलर करने के लक्ष्य को पूरा करने में मदद कर सकती है।
जियो पॉलिटिकल टेंशन और कोरोना महामारी के बाद एपल समेत अन्य अमेरिकी टेक दिग्गज भी चीन के बाहर अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार पर काम कर रहे हैं।