सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विशाखापट्टनम में शनिवार को 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 लाख से अधिक लोगों और 40 देशों के राजनयिकों के साथ योग किया। इस वर्ष की थीम रही – “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग”।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि योग ने वैश्विक स्तर पर लोगों को जोड़ा है और यह आज करोड़ों लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुका है। उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांगों के ब्रेल में योग अध्ययन, वैज्ञानिकों द्वारा अंतरिक्ष में योग और गांव-गांव में युवाओं की सहभागिता का उल्लेख करते हुए इसे “गर्व का विषय” बताया।
मोदी ने कहा, “आज की दुनिया अशांति और तनाव से गुजर रही है, ऐसे समय में योग इंसानियत के लिए पॉज बटन की तरह है, जो हमें रुकने, सांस लेने, संतुलन बनाने और फिर से खुद को पूर्ण महसूस करने का अवसर देता है।” उन्होंने इसे लोकनीति का हिस्सा बनाने और “मी टू वी” (व्यक्तिगत से सामूहिक) की भावना से जोड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और डिप्टी CM पवन कल्याण भी मंच पर मौजूद रहे और योग किया। कार्यक्रम में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना, जिसमें आंध्र प्रदेश सरकार ने 50 लाख से अधिक योग प्रमाणपत्र वितरित किए। राज्य ने “योग आंध्र” अभियान शुरू किया है, जिसका लक्ष्य 10 लाख दैनिक योग अभ्यासियों का समुदाय बनाना है।
मोदी ने यह भी बताया कि भारत अब “हील इन इंडिया” के मंत्र के साथ योग को मेडिकल साइंस से जोड़कर विश्व स्तर पर चिकित्सा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। AIIMS जैसे संस्थानों में योग आधारित शोध और प्रमाण आधारित उपचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
योग दिवस 2025 में एक बार फिर भारत ने दिखा दिया कि यह सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और संतुलन का माध्यम है।
#योग_दिवस_2025 #प्रधानमंत्री_मोदी #वैश्विक_योग_उत्सव #विशाखापट्टनम #योग_का_पॉज_बटन #योग_सभी_के_लिए #योग_भारत_से_विश्व_तक