आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : माइक्रो ब्लॉगिंग साइट X (पहले ट्विटर) पर अब ब्लॉक करने वाला फीचर बंद हो जाएगा। कंपनी के मालिक एलन मस्क ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यूजर अब ‘ब्लॉक’ करने की जगह ‘म्यूट’ (mute) कर पाएंगे। हालांकि, डायरेक्ट मैसेजिंग (DMs) के लिए ब्लॉक करने का फीचर जारी रहेगा।
ब्लॉकिंग फीचर का कोई मतलब नहीं
‘टेस्ला ऑनर्स सिलिकॉन वैली’ अकाउंट के एक सवाल के रिप्लाई में मस्क ने कहा-‘ DM को छोड़कर ब्लॉक फीचर को डिलीट किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘इसका (ब्लॉकिंग फीचर) अब कोई मतलब नहीं रह गया है।’
लोगों ने कहा- बढ़ेगी हैरेसमेंट की घटनाएं
मस्क के इस ऐलान के बाद लोगों ने अलग-अलग रिएक्शन दिए। यूजर्स ने हैरेसमेंट, धमकियां और स्टॉकिंग जैसी समस्याओं को लेकर चिंता जताई है। एक यूजर ने कहा कि मैं लोगों को हमेशा सेफ्टी कारणों के चलते ब्लॉक करती थी। ब्लॉक करने के फीचर को बंद करने के फैसले पर फिर से विचार किया जाए।
क्या है ब्लॉक और म्यूट में अंतर?
ब्लॉक करने के फीचर से यूजर दूसरे यूजर को मैसेज करने, अपना पोस्ट देखने, उसे रि-ट्वीट करने और शेयर करने जैसी चीजों से रोक देता है। उदाहरण के तौर पर अगर आप किसी अकाउंट A को ब्लॉक करते हैं, तो वह आपकी ओर से की गई किसी भी एक्टिविटी को नहीं देख पाएगा। वहीं म्यूट करने से कनेक्शन को तोड़े बिना यूजर्स के टाइमलाइन से वह पोस्ट हट जाता है। हालांकि, वह आपको मैसेज कर सकता है।
ट्विटर CEO बनने के बाद मस्क के 4 बड़े फैसले…
एलन मस्क ने पिछले साल 27 अक्टूबर 2022 को 44 बिलियन डॉलर में ट्विटर खरीदा था। इसके बाद कई बड़े फैसलों को लेकर मस्क चर्चा में हैं।
- आधे से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला
ट्विटर खरीदने के बाद मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स को निकाला था। इनमें CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव्स विजया गड्डे और सीन एडगेट शामिल थे। जब मस्क ने ट्विटर की कमान संभाली थी, तो उसमे करीब 7500 एम्प्लॉई थे। फिलहाल कंपनी में करीब 2500 कर्मचारी रह गए हैं।