सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में जागरूकता एवं स्क्रीनिंग शिविरों का आयोजन किया गया। इस वर्ष यह दिवस “लेट्स ब्रेक इट डाउन” थीम पर मनाया गया। यह दिवस नोबेल पुरस्कार विजेता बरूच ब्लुमबर्ग की जयंती पर प्रतिवर्ष मनाया जाता है, जिन्होंने हेपेटाइटिस बी वायरस की खोज की थी।
इस अवसर पर सेंट्रल जेल, भोपाल में एक माह तक चलने वाले विशेष हेपेटाइटिस स्क्रीनिंग शिविर की शुरुआत की गई। पहले दिन 175 बंदियों की हेपेटाइटिस बी, सी, एचआईवी, वीडीआरएल, एसटीआई एवं टीबी की जांच की गई। शिविर का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों को गंभीर बीमारियों से बचाव और समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2018 में राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया गया था। इसका लक्ष्य वर्ष 2030 तक हेपेटाइटिस सी का उन्मूलन करना है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत हेपेटाइटिस बी और सी के संक्रमण से जुड़ी स्वास्थ्य जटिलताओं को कम करने, लीवर सिरोसिस और लीवर कैंसर जैसी गंभीर स्थितियों की रोकथाम और मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल मनीष शर्मा ने जानकारी दी कि हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में निःशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही हेपेटाइटिस की जांच और उपचार भी निःशुल्क किया जा रहा है। गर्भवती महिलाओं में हेपेटाइटिस बी की अनिवार्य जांच की जाती है, जिससे नवजात को संक्रमण से बचाया जा सके। डॉ. शर्मा ने बताया कि हेपेटाइटिस बी के संक्रमण से शरीर में पीलिया, पेट दर्द, भूख कम लगना, उल्टियां और सूजन जैसे लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं। यह संक्रमण संक्रमित खून, असुरक्षित सुइयों और यौन संबंधों से फैल सकता है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ट्रिपल टेस्टिंग सुविधा शुरू की गई है, जिसमें ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस हेपेटाइटिस बी और सिफलिस की एक साथ जांच की जाती है।
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