सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला मलेरिया अधिकारी कार्यालय द्वारा डेंगू क्लिनिकल मैनेजमेंट ट्रीटमेंट गाइडलाइन और मलेरिया ड्रग पालिसी पर एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन होटल पलाश रेजिडेंसी में किया गया।
कार्यशाला में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ सागर खड़गा ने डेंगू क्लिनिकल गाइडलाइन पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्क्रब टायफस एवं मलेरिया के लक्षण मुख्यतः समान होते हैं। साथ ही उन्होंने सीवियर मलेरिया एवं कॉम्प्लिकेटेड मलेरिया का उपचार कैसे किया जाए, डेंगू फीवर मे क्लिनिकल, क्रिटिकल एवं कंवलसेंट फेस समझाया। सातवे दिन अर्ली वार्निंग सिग्नल्स देखने मिल सकते हैं अतः इस दौरान फ्लूइड का विशेष ध्यान रखा जाए।
जिला मलेरिया अधिकारी स्मृता नामदेव ने भोपाल जिले का डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिकल प्रोफाइल प्रस्तुत किया और कार्यालय द्वारा की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंतर्विभागीय समन्वय से स्वास्थ्य विभाग द्वारा वाहक जनित बीमारियों को रोकने के लिए काम किया जा रहा है। साथ ही कहा कि समुदाय स्तर पर एंबेड परियोजना की भूमिका सराहनीय है।


कार्यक्रम का संचालन जिला मलेरिया सलाहकार रुचि सिलाकारी द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में बैरसिया खंड चिकित्सा अधिकारी पुष्पा गुरु, गाँधी नगर से मनोज निगम, कोलार से सुदर्शना शर्मा, पूर्व जिला मलेरिया अधिकार पदमाकर त्रिपाठी, फॅमिली हेल्थ इंडिया से रत्नेश सिंह सहित प्राइवेट चिकित्सा संस्थानों के चिकित्सक उपस्थित रहे।

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