सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : एम्स भोपाल के विशेषज्ञों ने मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई) जैसी आम लेकिन गंभीर समस्या को लेकर लोगों को जागरूक किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण खासकर महिलाओं में अधिक होता है और समय पर इलाज न मिलने पर गंभीर रूप ले सकता है। अध्ययनों के अनुसार, आधी से अधिक महिलाएँ अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार यूटीआई से प्रभावित होती हैं। बार-बार संक्रमण होने की समस्या भी आम है। चिकित्सकों ने बताया कि महिलाओं का मूत्र मार्ग छोटा होने, हार्मोनल बदलाव, गर्भावस्था और अस्वच्छ जीवनशैली की वजह से संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। वहीं पर्याप्त पानी न पीना, शौचालय की गलत आदतें और अनियंत्रित डायबिटीज़ भी इस बीमारी को बढ़ावा देती हैं। संक्रमण से बचाव के लिए विशेषज्ञों ने कुछ आसान उपाय बताए हैं, जैसे पर्याप्त पानी पीना, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना, यौन संबंध के बाद मूत्राशय खाली करना और ढीले कॉटन के कपड़े पहनना। पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना या निचले पेट में दर्द जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
एम्स भोपाल के चिकित्सकों ने चेतावनी दी कि बिना परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग खतरनाक हो सकता है। लंबे समय तक पेशाब रोककर रखना और केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहना भी जोखिम भरा है। बार-बार संक्रमण की स्थिति में जांच कराकर किडनी स्टोन, डायबिटीज़ या अन्य कारणों की पहचान करनी जरूरी है। विशेषज्ञों ने कहा कि एंटीबायोटिक का गलत इस्तेमाल बैक्टीरिया में प्रतिरोध पैदा कर रहा है। इससे सामान्य दवाएँ असर नहीं करतीं और मरीजों को महंगी या शक्तिशाली दवाओं पर निर्भर होना पड़ता है। सही जीवनशैली और जिम्मेदारी से दवाओं का उपयोग कर लोग यूटीआई और दवा प्रतिरोध दोनों से बच सकते हैं।
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