सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति संकट के बीच भारत के LPG आयात का पूरा समीकरण बदल गया है। संकट से पहले भारत की LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से पूरा होता था, लेकिन समुद्री मार्गों में व्यवधान के बाद अमेरिका भारत के लिए सबसे बड़ा LPG आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है। पिछले छह महीनों में अमेरिका से भारत का LPG आयात 281 प्रतिशत बढ़कर करीब 3.78 मिलियन टन हो गया, जो मार्च से अगस्त 2026 के दौरान भारत के कुल LPG आयात का लगभग 53 प्रतिशत है।
भारत ने 2026 के लिए अमेरिका से करीब 2.2 मिलियन टन प्रति वर्ष LPG आयात का पहला बड़ा संरचित समझौता भी किया था। यह मात्रा भारत के वार्षिक LPG आयात का लगभग 10 प्रतिशत थी। खाड़ी देशों से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अमेरिका समेत अन्य देशों से आयात बढ़ाया। UAE की हिस्सेदारी सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के 37.8 प्रतिशत से घटकर मार्च-अगस्त में 13.4 प्रतिशत रह गई, जबकि अमेरिका की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी। अगस्त में भी अमेरिका भारत का शीर्ष LPG आपूर्तिकर्ता बना रहा, हालांकि खाड़ी देशों की आपूर्ति में सुधार देखने को मिला। यह बदलाव भारत की ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने की रणनीति को दर्शाता है, लेकिन लंबी समुद्री दूरी और परिवहन लागत बढ़ने से आयात बिल पर दबाव भी पड़ सकता है।
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