आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI इन्वेस्टर्स को उनकी मर्जी से ट्रेडिंग अकाउंट को फ्रीज या ब्लॉक करने की सुविधा देने जा रहा है। SEBI ने शुक्रवार को सर्कुलर जारी करते हुए कहा कि ट्रेडिंग अकाउंट का अनऑथराइज्ड ऑनलाइन एक्सेस रोकने के लिए इन्वेस्टर्स को उसे फ्रीज या ब्लॉक करने की सुविधा देने के लिए फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा।

SEBI के परामर्श से ब्रोकर्स इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स फोरम (ISF) इसके लिए 1 अप्रैल 2024 तक या उससे पहले फ्रेमवर्क तैयार करेगी, जिसमें जरूरी दिशानिर्देश भी शामिल होंगे। इसके बाद स्टॉक एक्सचेंज सुनिश्चित करेंगे कि फ्रेमवर्क के तहत जारी किए गए जारी दिशानिर्देशों को 1 जुलाई 2024 से लागू किया जाए।’

SEBI ट्रेडिंग अकाउंट को ब्लॉक करने की सुविधा क्यों देना चाहती है?

SEBI ने कहा कि भारत में स्टॉक ब्रोकिंग इंडस्ट्री कॉल एंड ट्रेड से बदलकर ऑनलाइन मोड में बदल गया है, जिसमें इन्वेस्टर को लॉगिन ID और पासवर्ड का यूज करते हैं।

कई बार यह देखा गया है कि इन्वेस्टर के ट्रेडिंग अकाउंट में संदिग्ध गतिविधियां होती हैं, लेकिन अधिकांश ट्रेडिंग मेंबर्स के पास अकाउंट फ्रीज या ब्लॉक करने की सुविधा नहीं होती है।

इसीलिए सभी इन्वेस्टर्स के लिए यह सुविधा लाने की तुरंत जरूरत है। अभी एटीएम कार्ड और क्रेडिट कार्ड को इस तरह ब्लॉक करने की सुविधा अवेलेबल है।

ट्रेडिंग अकाउंट क्या होता है?

ऑनलाइन ट्रेडिंग करने के लिए स्टॉकब्रोकर के पास एक अकाउंट खुलवाना पड़ता है। ट्रेडिंग अकाउंट एक इंटरफेस होता है जो शेयरों की खरीद और बिक्री की अनुमति देता है। यह इन्वेस्टर्स के बैंक अकाउंट और डीमैट अकाउंट के बीच एक इंटरफेस के रूप में काम करता है। इसी अकाउंट के माध्यम से खरीदे गए शेयरों को किसी के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट किया जाता है।

शॉर्ट सेलिंग को मंजूरी, लेकिन नेकेड सेलिंग बैन: जानें क्या है इन दोनों में अंतर, SEBI ने जारी किया सर्कुलर

सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI ने शुक्रवार को अपना नया सर्कुलर जारी किया। इसमें कहा कि भारत में सभी निवेशकों को शॉर्ट सेलिंग की मंजूरी होगी, लेकिन नेकेड शॉर्ट सेलिंग पहले की तरह बैन रहेगी। सभी स्टॉक्स में शॉर्ट सेलिंग की जा सकेगी।