सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल: नेशनल स्टैटिकल ऑफिस (NSO) आज Q3FY24 यानी वित्त वर्ष 2024 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट यानी GDP ग्रोथ के आंकड़े जारी करेगी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपने अनुमान में तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 6.5% रहने की उम्मीद जताई है।

रेटिंग एजेंसियां ​​भारतीय अर्थव्यवस्था के काफी कम दर से बढ़ने की उम्मीद कर रही हैं। इन्वेस्टमेंट इंफॉर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (ICRA) ने तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ की दर 6% आंकी है जबकि SBI रिसर्च को इस तिमाही में 6.7% से 6.9% के बीच ग्रोथ रेट रहने की उम्मीद है।

पिछली तिमाही में GDP ग्रोथ 7.6% रही थी

पिछली तिमाही में ये 7.6% रही थी। उम्मीद से ज्यादा ग्रोथ की वजह मजबूत शहरी खपत, मैन्युफैक्चरिंग और उच्च सरकारी खर्च था। मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 13.9% रही, जबकि कंस्ट्रक्शन ग्रोथ 13.3% रही थी। वहीं एक साल पहले यानी 2022-23 की तीसरी तिमाही में GDP महज 4.5% बढ़ी थी।

GDP ग्रोथ RBI के अनुमान से 1.1% ज्यादा था। RBI ने दूसरी तिमाही में इसके 6.5% रहने का अनुमान लगाया था। उम्मीद से ज्यादा ग्रोथ की वजह मजबूत शहरी खपत, मैन्युफैक्चरिंग और उच्च सरकारी खर्च था। मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 13.9% रही, जबकि कंस्ट्रक्शन ग्रोथ 13.3% रही थी।

GVA: 7.4% रहा, इसका 6.8% रहने का अनुमान था

पिछली तिमाही में ग्रॉस वैल्यू ऐडेड, यानी GVA दूसरी तिमाही में 7.4% रहा। इसका 6.8% रहने का अनुमान था। वहीं पहली तिमाही में GVA 7.8% रहा था। एक साल पहले समान तिमाही में ग्रोथ रेट 5.4% था।

वित्तीय घाटा: ₹8.04 लाख करोड़ हो गया​​​​​​,​ लक्ष्य के 45% पर पहुंचा

उधर, अप्रैल से अक्टूबर तक वित्तीय घाटा बजट बढ़कर 8.04 लाख करोड़ रुपए हो गया। ये बजट अनुमान का 45% है। वित्तीय घाटे का लक्ष्य 17.86 लाख करोड़ रुपए है। पिछले साल इसी अवधि में घाटा 2022-23 के बजट अनुमान का 45.6% था। सरकार आय के मुकाबले जितना ज्यादा खर्च करती है, उसे वित्तीय घाटा कहा जाता है।

वित्त वर्ष 2024 में GDP ग्रोथ 6.4% रहने का अनुमान

पिछले दिनों S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने GDP अनुमान जारी किया था। S&P ने वित्त वर्ष 2024 के लिए भारत के ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 6.4% कर दिया है। पहले यह 6% था। मजबूत डोमेस्टिक मोमेंटम को इसका कारण बताया गया है।