सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: तीन शादियां, राजेश खन्ना से मिली चुनौती, विनोद मेहरा के अनसुने किस्से
मुंबई। हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेताओं में शामिल विनोद मेहरा की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। शानदार अभिनय, निजी जीवन के उतार-चढ़ाव और फिल्मी दुनिया में संघर्ष के कारण वह आज भी दर्शकों के बीच याद किए जाते हैं। अभिनेता बनने से पहले उन्होंने नौकरी भी की थी। फिल्मों में आने के बाद उन्होंने अपनी प्रतिभा के दम पर पहचान बनाई, लेकिन उनका करियर कई बार बड़े सितारों की लोकप्रियता के सामने चुनौती का सामना करता रहा।
अभिनेता बनने से पहले करते थे नौकरी विनोद मेहरा का जन्म 13 फरवरी 1945 को अमृतसर में हुआ था। उन्होंने बाल कलाकार के रूप में फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। बाद में बतौर अभिनेता उन्होंने फिल्मों में काम शुरू किया। शुरुआती दौर में उन्होंने रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई अनुभव हासिल किए और अभिनय को अपना पेशा बनाया। 1970 और 1980 के दशक में वह हिंदी फिल्मों के जाने-पहचाने चेहरे बन गए।
राजेश खन्ना के दौर में बनाई पहचान विनोद मेहरा का फिल्मी करियर उस दौर में आगे बढ़ा, जब राजेश खन्ना की लोकप्रियता चरम पर थी। रोमांटिक और पारिवारिक फिल्मों में राजेश खन्ना की मजबूत पकड़ के बीच विनोद मेहरा ने भी अपनी अलग जगह बनाने की कोशिश की। उन्होंने ‘घर’, ‘स्वर्ग नरक’, ‘अमर प्रेम’, ‘लाल पत्थर’ और ‘बेमिसाल’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। हालांकि, दोनों अभिनेताओं के करियर और लोकप्रियता की तुलना अक्सर की जाती रही।
निजी जिंदगी में भी रहे चर्चा में विनोद मेहरा की निजी जिंदगी भी कई उतार-चढ़ाव से गुजरी। उनकी शादी मीना ब्रोका, बिंदिया गोस्वामी और किरण मेहरा से जुड़ी रही। उनके वैवाहिक जीवन को लेकर फिल्मी दुनिया में लंबे समय तक चर्चाएं होती रहीं। अभिनेता का निधन 30 अक्टूबर 1990 को महज 45 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से हो गया था। विनोद मेहरा भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्मों और अभिनय ने हिंदी सिनेमा में एक अलग पहचान छोड़ी है।
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