सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: 84 दवाओं के ठेके में अनियमितता के आरोप, कार्रवाई के बजाय टेंडर निरस्त

छत्तीसगढ़ में 84 दवाओं की आपूर्ति का ठेका हासिल करने के लिए दो सरकारी कंपनियों पर महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि दोनों कंपनियों ने निविदा प्रक्रिया के दौरान अपने खिलाफ चल रही सीबीआई जांच और घूसखोरी से जुड़े मामलों की जानकारी का खुलासा नहीं किया। मामला सामने आने के बाद संबंधित टेंडर निरस्त कर दिया गया है, लेकिन आरोपों के संबंध में जिम्मेदार पक्षों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, दवाओं की आपूर्ति के लिए जारी निविदा में दोनों सरकारी कंपनियों ने हिस्सा लिया था। आरोप है कि पात्रता और आवश्यक घोषणाओं से जुड़ी जानकारी में पारदर्शिता नहीं बरती गई। सीबीआई जांच और कथित रिश्वतखोरी से संबंधित मामलों का खुलासा नहीं किए जाने को निविदा प्रक्रिया की गंभीर अनियमितता के रूप में देखा जा रहा है।

मामले में कार्रवाई के नाम पर केवल टेंडर निरस्त किए जाने की बात सामने आई है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि निविदा प्रक्रिया में कथित तौर पर गलत जानकारी देने और जरूरी तथ्यों को छिपाने के लिए संबंधित कंपनियों की जवाबदेही कैसे तय होगी। सरकारी दवाओं की खरीद में पारदर्शिता और गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इसका सीधा संबंध सार्वजनिक स्वास्थ्य से है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। संबंधित विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई और विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।


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