सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क्स / आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ /एजेंसियाँ/ भोपाल: रूसा के फेर में पीएम ऊषा की रफ्तार थमी, 270 करोड़ के प्रोजेक्ट अधूरे
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर बजट की कमी का असर दिखाई देने लगा है। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) और प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (पीएम ऊषा) के बीच परियोजनाओं के संचालन और वित्तीय व्यवस्था को लेकर काम प्रभावित होने की स्थिति सामने आई है। करीब 270 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत विभिन्न परियोजनाओं के बावजूद कई कॉलेजों में हॉस्टल और नए भवनों का निर्माण अधूरा पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, पीएम ऊषा के तहत कॉलेजों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए कई निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई थी। इनमें छात्रावास, शैक्षणिक भवन और अन्य जरूरी सुविधाओं का विकास शामिल है। लेकिन बजट समाप्त होने के कारण कई स्थानों पर निर्माण कार्य रुक गया है। इससे परियोजनाओं को निर्धारित समय पर पूरा करने की योजना प्रभावित हो रही है।
निर्माण कार्य अधूरे रहने से कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को प्रस्तावित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विशेष रूप से छात्रावासों की कमी के कारण दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 270 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की स्वीकृति के बावजूद निर्माण कार्यों का अधूरा रहना वित्तीय प्रबंधन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े करता है। अब इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट और निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की जरूरत है। संबंधित विभाग की ओर से आगे की वित्तीय व्यवस्था और समयसीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
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