सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ इंदौर : रायपुर में डिजिटल Faecal Sludge Management डैशबोर्ड के जरिए निवासी सेप्टिक टैंक की डिस्लजिंग सेवा बुक कर सकते हैं, भुगतान कर सकते हैं और अपने अनुरोध की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। काम पूरा होने के बाद चालक फोटो अपलोड करते हैं, जिससे नगर निकाय सेवा की पुष्टि और वाहनों की डिजिटल निगरानी कर पाते हैं।

तिरुवनंतपुरम में Genrobotic Innovations द्वारा विकसित G-SPIDER नाम का AI-powered canal-cleaning system शुरू किया गया है। यह रोबोट Amayizhanchan Canal के ढके हुए हिस्से जैसे संकरे स्थानों में काम करने के लिए बनाया गया है। मशीन विजन, सेंसर और विशेष तंत्र की मदद से यह कचरा हटाता है और सफाईकर्मियों को जोखिमभरी परिस्थितियों में उतरने की जरूरत कम करता है।

कचरा संग्रहण में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भी शामिल हो रही है। गुंटूर में GPS tracking से लैस 200 से अधिक इलेक्ट्रिक ऑटो इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जबकि चेन्नई ने अपने 15 जोन में घर-घर कचरा संग्रहण के लिए 5,478 battery-operated e-rickshaws तैनात किए हैं। चेन्नई का यह बेड़ा गीले, सूखे और खतरनाक कचरे के लिए अलग-अलग डिब्बों का उपयोग करता है और 2.1 million से अधिक घरों को कवर करता है।

इंदौर ने Integrated Command and Control Centre के जरिए GPS monitoring वाले 100 electric waste-collection vehicles लगाए हैं। शहर में 20 solar charging stations भी बनाए गए हैं, जिससे इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण को नवीकरणीय ऊर्जा ढांचे से जोड़ा गया है।

इन पहलों से शहरी स्वच्छता के अलग-अलग चरणों में तकनीक का उपयोग दिखता है – ऑनलाइन सेवा बुकिंग और रियल-टाइम निगरानी से लेकर मशीनी सफाई और इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण तक। इसका उद्देश्य स्वच्छता सेवाओं को अधिक जवाबदेह बनाना, पर्यावरणीय असर घटाना और सफाईकर्मियों की सुरक्षा बेहतर करना है।


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