आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारत की सबसे बड़ी IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने नौकरी देने के बदले रिश्वत लेने के मामले में 16 एम्प्लॉइज को नौकरी से निकाल दिया है। वहीं, 6 वेंडर एंटिटी को भी बैन कर दिया है और उनके मालिकों और सहयोगियों कंपनियों के साथ सभी बिजनेस पर रोक लगा दी है।
कंपनी ने 15 अक्टूबर को एक एक्सचेंज फाइलिंग में इसके बारे में जानकारी दी। TCS ने कहा, ‘इस मामले में टोटल 19 एम्प्लॉइज पर कार्रवाई की गई है, जिनमें से 16 को नौकरी से निकाल दिया गया है और तीन को मैनेजमेंट फंक्शन से हटा दिया गया है।’
CEO बोले- हमने उचित कार्रवाई की
कंपनी के CEO के कृतिवासन ने कहा, ‘हमने अपनी जांच पूरी कर ली है। हमारा मानना है कि जिसने भी हमारे कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लघंन किया है, उसके खिलाफ हमने उचित कार्रवाई की है। इस मामले की कार्रवाई पूरी कर ली गई है और जांच को बंद कर दी गई है।’
TCS को इस घोटाले के बारे में कैसे पता चला?
यह मामला 23 जून 2023 को पहली बार तब सामने आया, जब एक व्हिसलब्लोअर ने कंपनी के CEO और COO को एक लेटर लिखकर दावा किया कि RMG के ग्लोबल हेड ईएस चक्रवर्ती नौकरी देने के बदले स्टाफिंग फर्मों से रिश्वत लेते हैं। उसके बाद TCS ने आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। इसमें चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर अजीत मेनन भी शामिल थे।
घोटाले में शामिल लोगों ने 100 करोड़ रुपए कमाए
इस मामले से जुड़े एक एग्जीक्यूटिव ने मामला सामने आने पर कहा था कि पिछले 3 साल में कंपनी ने कॉन्ट्रैक्टर्स सहित 3 लाख लोगों को काम पर रखा है। यह भी अनुमान लगाया था कि घोटाले में शामिल लोगों ने कमीशन के जरिए कम से कम 100 करोड़ रुपए कमाए हैं।
दूसरी तिमाही में TCS का नेट प्रॉफिट ₹11,342 करोड़ रहा
TCS ने 11 अक्टूबर को Q2FY24 यानी फाइनेंशियल ईयर 2024 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए थे। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 8.7% की बढ़ोतरी के साथ ₹11,342 करोड़ रहा।
एक साल पहले Q2FY23 में कंपनी को ₹10,431 करोड़ का मुनाफा हुआ था। ऑपरेशन्स से कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 8% बढ़कर ₹59,691 करोड़ रुपए रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में ₹55,309 करोड़ था। पिछली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 59,381 करोड़ था।