सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र भोपाल में “टीबी मुक्त भारत” अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भोपाल जिले के सीएमएचओ मनीष शर्मा मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित थे।सभागार में उपस्थित चिकित्सकों को संबोधित करते हुये डॉ मनीष शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तत्वावधान में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत देश भर में 347 प्राथमिकता वाले जिलों में क्षय रोग से निपटने के लिए 100 दिनों का गहन टीबी मुक्त भारत अभियान जारी है। आगे उन्होने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में उनका 18 वर्ष का अनुभव रहा है और उनकी प्राथमिकता यही है कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जुड़कर टीबी उन्मूलन की दिशा में काम किया जाए।
टीबी के मरीजों का निक्षय पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है, ताकि मरीजों की स्क्रीनिंग कर उनको उपचार मुहैया कराया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि ऐसे मरीजों, जिनमें डायबिटीज़, कैंसर, किडनी रोग से ग्रस्त मरीजों में यदि टीबी के लक्षण हों तो उनकी स्क्रीनिंग कर टीबी का इलाज किया जा सके, तभी टीबी उन्मूलन कार्यक्रम सफल होगा। निजी चिकित्सकों द्वारा भी निक्षय पोर्टल पर दर्ज मरीजों को ट्रेस कर उन्हे स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करना आवश्यक है।
डॉ मनीषा श्रीवास्तव, प्रभारी निदेशक ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के राष्ट्रीय कार्यक्रम से जुड़कर ही सफलता मिल सकती है। जिस तरह माननीय प्रधानमंत्री मोदी ने टीबी मुक्त भारत की कामना की है, उसी तरह मध्यप्रदेश सरकार के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्राथमिकता भी प्रदेश से टीबी उन्मूलन है। इसी श्रंखला में हम टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े हुये हैं। यदि शरीर में इम्यूनिटी कम होती है तो टीबी होने की संभावना बढ़ जाती है और टीबी शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है । इसलिए शरीर की इम्यूनिटी का ध्यान रखना जरूरी है। टीबी के लक्षण सामने आते ही उसका पूर्ण उपचार जरूरी है। हमारे साथ 3.5 लाख गैस पीड़ित व उनके आश्रित जुड़े हुये हैं, यदि हम उनमें ही टीबी के मरीजों को पहचान कर उन्हे टीबी का समुचित उपचार उपलब्ध कराएं तो टीबी उन्मूलन की दिशा में अपना योगदान दे पायेंगे। टीबी का पूरी तरह उन्मूलन तभी होगा जब टीबी के हर एक मरीज को पूरी तरह स्वस्थ किया जाए।

इस अवसर पर जिला टीबी अधिकारी डॉ प्रांजल खरे ने बताया कि डबल्यूएचओ ने वर्ष 2030 तक टीबी उन्मूलन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं और सरकार का प्रयास है, इस समय-सीमा से पहले ही भारत को पूरी तरह से टीबी से मुक्त किया जा सके। डॉ प्रांजल ने टीबी उन्मूलन हेतु पावर प्वाइंट प्रिजेंटेशन द्वारा टीबी रोग के लक्षण, उपचार और सुरक्षित निदान के तरीके साझा किए। इस अवसर पर संस्थान के वरिष्ठ चिकित्सक, वैज्ञानिक एवं अधिकारीगण मौजूद थे।
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