आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : टाटा पावर लिमिटेड 1 लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैप को पार करने वाली टाटा ग्रुप की छठी कंपनी बन गई है। गुरुवार को कारोबार के दौरान टाटा पावर का शेयर 9% से ज्यादा की तेजी के साथ 322 रुपए के रिकॉर्ड हाई के पार कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप भी बढ़कर 1.03 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है।
टाटा पावर ने इस साल अब तक 52.54% का रिटर्न दिया
पिछले छह महीनों में टाटा पावर का स्टॉक 47% से ज्यादा चढ़ा है। वहीं पिछले एक महीने में यह करीब 29.36% बढ़ा है। टाटा पावर ने 2023 में 52.54% का रिटर्न दिया है। वहीं पिछले 12 महीने यानी 1 साल में कंपनी का शेयर 43.08% चढ़ा है।
इससे पहले शुक्रवार को ट्रेंट लिमिटेड 1-लाख करोड़ रुपए के मार्केट कैप वाली टाटा ग्रुप की 5वीं कंपनी बनी थी। टाटा पावर और ट्रेंट के अलावा टाटा ग्रुप की 1 लाख करोड़ के मार्केट कैप वाली अन्य कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टाइटन, टाटा मोटर्स और टाटा स्टील है।
मार्केट कैप के मामले में टॉप पर रिलायंस इंडस्ट्रीज
मार्केट कैप के हिसाब से भारत की टॉप कंपनियों में सबसे ऊपर रिलायंस इंडस्ट्रीज है। इसका मार्केट कैप 16.59 लाख करोड़ रुपए है। दूसरे नंबर पर 13.27 लाख करोड़ रुपए के साथ TCS, तीसरे नंबर पर 12.38 लाख करोड़ रुपए के साथ HDFC बैंक है। ICICI बैंक 7.00 लाख करोड़ रुपए के साथ चौथे और इंफोसिस 6.08 लाख करोड़ रुपए के साथ 5वें नंबर पर है।
टाटा-पावर ने बीकानेर ट्रांसमिशन रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट का किया अधिग्रहण
5 दिन पहले टाटा पावर लिमिटेड ने बीकानेर ट्रांसमिशन रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट का अधिग्रहण किया। कंपनी ने बताया था कि उसने करीब 1,544 करोड़ रुपए में बीकानेर-III नीमराना-II ट्रांसमिशन रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट के अधिग्रहण की बिडिंग यानी बोली जीती है।
यह एनर्जी प्रोजेक्ट पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन की सब्सिडियरी कंपनी PFC कंसल्टिंग लिमिटेड द्वारा स्थापित एक स्पेशल परपज व्हीकल (SPV) है। SPV को स्पेशल परपज एंटिटी यानी SPE भी कहा जाता है। यह पेरेंट कंपनी द्वारा अपने फाइनेंशियल रिस्क को अलग करने के लिए बनाई गई सब्सिडियरी कंपनी होती है।
टाटा पावर ने इस प्रोजेक्ट को लेकर क्या कहा?
टाटा पावर ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा था कि प्रोजेक्ट में बीकानेर-III पूलिंग स्टेशन से नीमराना II सबस्टेशन तक 340 किलोमीटर के ट्रांसमिशन कॉरिडोर की स्थापना शामिल है। बिल्ड-ऑन-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOOT) आधार पर शुरू किया जाने वाला यह ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट है। इसके तहत राजस्थान के बीकानेर कॉम्प्लेक्सेस से 7.7 गीगावाट (GW) रिन्यूएबल एनर्जी का प्रोडक्शन किया जाएगा।
35 साल तक प्रोजेक्ट का मेंटेनेंस करेगी टाटा पावर
टाटा पावर 35 साल तक ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट का मेंटेनेंस करेगी। SPV ट्रांसफर डेट से 24 महीने के भीतर प्रोजेक्ट के शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी ने यह भी कहा था कि सफल शुरुआत पर यह प्रोजेक्ट 2022 में मिनिस्ट्री ऑफ पावर के रोडमैप में एक अहम कंपोनेंट के रूप में काम करेगा। इस रोडमैप का टारगेट 2030 तक 500 गीगावाट (GW) से ज्यादा रिन्यूएबल एनर्जी कैपिसिटी को नेशनल ग्रिड में इंटीग्रेट करना है।
हाल ही में कंपनी की सब्सिडियरी कंपनी टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) को SJVN के साथ 200 मेगावाट का फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE) प्रोजेक्ट डेवलप करने का काम सौंपा गया था। प्लांट को हाइब्रिड कॉन्फिगरेशन के साथ सावधानी से डिजाइन किया गया है, जिसमें सोलर, विंड और बैटरी स्टोरेज कंपोनेंट शामिल हैं।