आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने शुक्रवार को सिस्टम आउटेज के कारण रुपए में आए भारी-उतार चढ़ाव को लेकर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से सफाई मांगी है। इसकी वजह से रुपया 83.50 के निचले स्तर पर पहुंच गया था।
वहीं, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी एंड डेटा प्रोवाइडर LSEG (लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप) ने बयान जारी करते हुए कहा कि हमने उस टेक्निकल सिस्टम आउटेज को ठीक कर लिया है, जिसने इंडियन फॉरेन एक्सचेंज प्लेटफॉर्म को प्रभावित किया था। हम इसकी जांच कर रहे हैं क्या हुआ था।
LSEG क्लाइंट्स को ऑथेंटिकेशन सर्विस में हुई दिक्कत
LSEG ने कहा,’एक टेक्निकल इंसिडेंट के कारण कुछ LSEG क्लाइंट्स को ऑथेंटिकेशन सर्विस में दिक्कत का सामना करना पड़ा, जिसके कारण कुछ लोगों को FXT तक पहुंचने में दिक्कत हुई। इसके कारण 06:33 GMT से 07:03 GMT के बीच बिजनेस करने की सर्विस प्रभावित हुई। समस्या का समाधान हो गया है और नार्मल सर्विस शुरू हो गई है। मेन कारण जांच की जा रही है।’
इस मामले की डीप एनालिसिस चाहता है RBI
RBI ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। रॉयटर्स के अनुसार, मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि रिजर्व बैंक इस मामले की डीप एनालिसिस चाहता है। इससे यह मालूम हो सके कि रुपया लाइफ टाइम लो तक गया तो उसके पीछे की वजह सिस्टम फेलियर था या फिर कोई मानवीय भूल थी।
सिस्टम आउटेज के दौरान क्या सभी नियमों का पालन हुआ?
रिजर्व बैंक यह जानना चाहता है कि क्या सिस्टम आउटेज के दौरान बिजनेस जारी रखने की प्रक्रिया से जुड़े सभी नियमों का पालन किया गया? शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया सबसे निचले स्तर तक जाने के बाद 83.34 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।