सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल / उज्जैन : उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के शलाका दीर्घा सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर “नारी की संवैधानिक शक्ति एवं महिलाओं के कानूनी अधिकार” विषय पर परिचर्चा आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं और स्वयंसेवक शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. ज्योति उपाध्याय और विधि अध्ययनशाला की प्राध्यापिका कीर्ति पटेल रहीं। प्रो. उपाध्याय ने कहा कि संविधान ने महिलाओं को समानता और स्वतंत्रता जैसे अनेक अधिकार दिए हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण वे कई अधिकारों से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि एनएसएस स्वयंसेवकों की एक विशेष टोली बनाई जाए जो महिला अधिकारों पर जनजागरूकता फैलाए।


डॉ. पटेल ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए छात्रों को विभिन्न संवैधानिक अनुच्छेदों और प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नीतियों और कानूनों तक सीमित न रहकर समाज में सोच और आचरण का हिस्सा बनना चाहिए। अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलानुशासक शैलेन्द्र शर्मा ने एनएसएस को राष्ट्र सेवा की संकल्पना बताया। वहीं, परीक्षा नियंत्रक डी.डी. बेदिया और पुरातत्वविद् डॉ. रमण सोलंकी ने नारी शक्ति की महत्ता और स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य प्रशांत पौराणिक ने एनएसएस को विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का माध्यम बताया। कार्यक्रम का संचालन छात्रा जोई चैटर्जी ने किया तथा ओड़िसी नृत्य प्रस्तुति अनन्या रथ ने दी। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई ने अब तक अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल कर समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया है।

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