सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मनमाने शहर-बदर आदेश पर रोक, मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा
सुप्रीम कोर्ट ने शहर-बदर यानी externment orders को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को शहर या जिले से बाहर रहने के लिए मजबूर करना उसके संविधान द्वारा संरक्षित अधिकारों और स्वतंत्रता को प्रभावित करता है। इसलिए सरकार ऐसे आदेशों को नियमित या मनमाने तरीके से जारी नहीं कर सकती।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के खिलाफ शहर-बदर का आदेश जारी करते समय प्रशासन को उसके पीछे मौजूद ठोस कारणों और परिस्थितियों को स्पष्ट करना होगा। केवल सामान्य आरोपों या बिना पर्याप्त आधार के किसी व्यक्ति को उसके निवास क्षेत्र से बाहर करने का आदेश उचित नहीं माना जा सकता।
अदालत ने कहा कि externment जैसी कार्रवाई बेहद गंभीर प्रकृति की होती है, क्योंकि इससे व्यक्ति की आवाजाही और सामान्य जीवन प्रभावित होता है। इसलिए प्रशासनिक अधिकारियों को अपने निर्णय में उचित कारण दर्ज करने होंगे और संवैधानिक स्वतंत्रताओं का ध्यान रखना होगा।
सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी प्रशासनिक शक्तियों के इस्तेमाल पर महत्वपूर्ण नियंत्रण के रूप में देखी जा रही है। अदालत ने संकेत दिया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर भी राज्य की शक्तियां मनमानी नहीं हो सकतीं और प्रत्येक कठोर कार्रवाई कानूनी तथा संवैधानिक कसौटी पर खरी उतरनी चाहिए।
इस फैसले से उन मामलों में राहत की उम्मीद बढ़ी है, जहां किसी व्यक्ति के खिलाफ शहर या जिले से बाहर जाने का आदेश पर्याप्त कारण बताए बिना जारी किया जाता है। फैसला प्रशासन को यह संदेश देता है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर असर डालने वाली कार्रवाई में पारदर्शिता, उचित प्रक्रिया और कारणयुक्त निर्णय जरूरी हैं।
Hashtags: #NationalIndia #Bhopal #Desksource #मनम #शहर #बदर #DeskSource #एनएन #टवर #आईट