सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बॉलीवुड फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ में जयदीप अहलावत एक ऐसे पाकिस्तानी सरकारी वकील की भूमिका निभा रहे हैं, जिनका नाम 26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े कानूनी घटनाक्रम और पाकिस्तान के चर्चित मामलों में सामने आया था। यह किरदार चौधरी जुल्फिकार अली का है। पाकिस्तान के इस अभियोजक की कहानी फिल्म के जरिए एक बार फिर चर्चा में है।

कौन थे चौधरी जुल्फिकार अली? चौधरी जुल्फिकार अली पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) से जुड़े वरिष्ठ सरकारी अभियोजक थे। उन्होंने मुंबई हमले से जुड़े मामले में पाकिस्तान में कानूनी कार्रवाई और जांच से संबंधित काम किया था। वह पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या से जुड़े मामले में भी अभियोजन पक्ष की भूमिका निभा चुके थे। 26/11 हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कानूनी तथा कूटनीतिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठे थे। इस मामले में भारत के विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम और पाकिस्तान में जांच व अभियोजन से जुड़े अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। जुल्फिकार अली इसी व्यापक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा थे।

उज्ज्वल निकम से मुलाकात क्यों चर्चा में आई? फिल्म और इससे जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, निकम और जुल्फिकार अली के बीच बातचीत के दौरान पाकिस्तान में मामले की शुरुआती जांच और कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई थी। जुल्फिकार द्वारा कुछ गलतियों को स्वीकार किए जाने का प्रसंग भी खबरों में आया है। हालांकि, इस बातचीत के सभी विवरणों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य मानने से पहले संबंधित मूल स्रोतों और बयानों की पुष्टि जरूरी है।

2013 में हुई थी हत्या जुल्फिकार अली की 2013 में इस्लामाबाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय वह संवेदनशील मामलों में अभियोजन से जुड़े हुए थे। उनकी हत्या ने पाकिस्तान में कानून-व्यवस्था और आतंकवाद से जुड़े मामलों में काम करने वाले अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए थे। हालांकि, उनकी हत्या को उज्ज्वल निकम से मुलाकात या 26/11 मामले में हुई बातचीत से सीधे जोड़ने का कोई पुष्ट आधार नहीं है।

‘प्रहार’ में जयदीप अहलावत का किरदार निर्देशक अविनाश अरुण की फिल्म ‘प्रहार’ में राजकुमार राव उज्ज्वल निकम की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म 26/11 मुंबई हमले के बाद हुए मुकदमे और अजमल कसाब को सजा दिलाने की कानूनी लड़ाई पर केंद्रित है। जयदीप अहलावत द्वारा निभाया गया जुल्फिकार अली का किरदार इस कहानी में पाकिस्तान की ओर से हुई कानूनी कार्रवाई का पक्ष सामने लाता है। जुल्फिकार अली की कहानी उन कानूनी अधिकारियों के जोखिमों की भी याद दिलाती है, जो आतंकवाद से जुड़े संवेदनशील मामलों में काम करते हैं। फिल्म के जरिए उनके जीवन और भूमिका को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है।


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