आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस/आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : शेयर बाजार में इस हफ्ते तेजी देखने को मिल सकती है। बैंक ऑफ जापान मॉनेटरी पॉलिसी, RBI MPC मिनट्स, ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा, FII-फ्लो, क्रूड ऑयल प्राइस और अपकमिंग IPO पर बाजार की नजर रहेगी।

यहां हम ऐसे फैक्टर्स के बारे में बता रहे हैं, जिनसे 18 दिसंबर यानी सोमवार से शुरू हुए हफ्ते में बाजार की चाल तय होगी…

बैंक ऑफ जापान मॉनेटरी पॉलिसी

पिछले हफ्ते अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पॉलिसी रेट्स पर रुख की वजह से बाजार में तेजी देखने को मिली थी। अब बाजार की नजर 19 दिसंबर को बैंक ऑफ जापान के पॉलिसी डिसिजन पर रहेगी। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि जापानी येन मजबूत हो रहा है।

बैंक ऑफ जापान की ओर से किसी भी तरह की सख्ती से येन कैरी ट्रेड खत्म होने का जोखिम पैदा हो सकता है। हालांकि, इकोनॉमिस्ट का मानना है कि जापान का सेंट्रल बैंक इस साल का अंत दुनिया के सबसे नरम बैंकों में से एक के रूप में कर सकता है। कमजोर खपत जैसे फैक्टर्स के चलते, बैंक ऑफ जापान से व्यापक रूप से अपनी बेहद ढीली मॉनेटरी पॉलिसी बरकरार रखने की उम्मीद है।

RBI MPC मिनट्स

22 दिसंबर को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) दिसंबर की पॉलिसी मीटिंग के मिनट्स जारी करेगा। 8 दिसंबर को मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने रेपो रेट में कोई बदलाव न करते हुए इसे 6.5% पर बरकरार रखा था। मीटिंग के मिनट्स RBI के रुख को और स्पष्ट करेंगे।

FII फ्लो

भारतीय बाजार में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FII) वापसी कर रहे हैं। पिछले तीन महीनों में लगभग 75,000 करोड़ रुपए की इक्विटी बेचने के बाद, FII ने दिसंबर में अब तक 29,700 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी है।

अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट आने, 3 राज्यों के चुनावों में BJP की जीत के बाद पॉलिटिकल कंटिन्यूटी की आस और भारत की इकोनॉमी की मजबूती दर्शाने वाले आंकड़ों के चलते FII फिर से निवेशक बन गए हैं। आगे चलकर उनकी ओर से भारतीय शेयरों की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है।

क्रूड ऑयल प्राइस

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी का कहना है कि 2024 में ग्लोबल ऑयल डिमांड 1.1 मिलियन बैरल प्रति दिन बढ़ जाएगी। यह इसके पिछले पूर्वानुमान 930,000 बैरल प्रति दिन से थोड़ा ज्यादा है। शेयरखान के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में क्रूड ऑयल बढ़कर 75 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। सपोर्ट $70/$67 पर है। ऑयल की कीमतों पर मार्केट पार्टिसिपेंट्स की लगातार नजर रहने वाली है।

US Q3-GDP ग्रोथ

ग्लोबल इन्वेस्टर चालू कैलेंडर ईयर की सितंबर तिमाही के लिए दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी अमेरिका के आखिरी GDP डेटा पर नजर रखेंगे। नवंबर में पब्लिश दूसरे अनुमान में अमेरिकी इकोनॉमी 5.2% की दर से बढ़ी। अक्टूबर महीने में पब्लिश शुरुआती अनुमान 4.9% था।

ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा

अमेरिका में नवंबर माह में नए घरों की सेल, ड्यूरेबल गुड्स के ऑर्डर, पर्सनल इनकम और खर्च आदि आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहने वाली है।

प्राइमरी मार्केट एक्शन

पिछले हफ्ते प्राइमरी मार्केट में काफी हलचल रही, क्योंकि कई कंपनियों के IPO आए थे। साथ ही कई IPO ने शेयर बाजारों में शुरुआत की थी। 18 दिसंबर से शुरू हो रहे नए सप्ताह में मेनबोर्ड सेगमेंट की डोम्स इंडस्ट्रीज, इंडिया शेल्टर फाइनेंस और आईनॉक्स इंडिया शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती हैं।

डोम्स और इंडिया शेल्टर फाइनेंस के IPO क्लोज हो चुके हैं, जबकि आईनॉक्स इंडिया का इश्यू 18 दिसंबर को बंद होने वाला है। ये सभी कंपनियां टी+3 लिस्टिंग मानदंडों के अनुसार शेयर बाजार में लिस्ट होंगी, यानि आईपीओ क्लोज होने के 3 दिन बाद।

पिछले सप्ताह क्लोज हुए SME IPO- प्रेस्टोनिक इंजीनियरिंग, एसजे लॉजिस्टिक्स, बेंचमार्क कंप्यूटर सॉल्यूशंस, सियाराम रिसाइक्लिंग और श्री ओएसएफएम ई-मोबिलिटी नए सप्ताह में शेयर बाजारों में अपनी शुरुआत करेंगे।

नए खुलने वाले आईपीओ की बात करें तो 18 दिसंबर को सूरज एस्टेट डेवलपर्स, मोतीसंस ज्वैलर्स, मुथूट माइक्रोफिन के IPO ओपन होंगे। इसके बाद 19 दिसंबर को हैप्पी फोर्जिंग्स, आरबीजेड ज्वैलर्स और मुफ्ती मेन्सवियर के IPO भी खुलेंगे।

आजाद इंजीनियरिंग का IPO 20 दिसंबर को खुलेगा, जबकि इनोवा कैपटैब 21 दिसंबर को ओपन होगा। ये सभी मेनबोर्ड सेगमेंट के इश्यू हैं। SME सेगमेंट में निवेशक सहारा मैरीटाइम, शांति स्पिनटेक्स, इलेक्ट्रोफोर्स और ट्राइडेंट टेकलैब्स में पैसा लगा सकते हैं।

पिछले हफ्ते सेंसेक्स 2.18% और निफ्टी 2.30% चढ़ा था पिछले पूरे कारोबारी हफ्ते में सेंसेक्स 2.18% चढ़ा था। निफ्टी में भी 2.30% की तेजी रही थी। हालांकि, बीते कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन यानी शुक्रवार (15 दिसंबर) को शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली थी।