सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस /आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी भोपाल के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज द्वारा विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए इमोशनल इंटेलिजेंस: द हिडन स्किलसेट विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में भावनात्मक जागरूकता, आत्म-नियंत्रण, सहानुभूति एवं प्रभावी संवाद कौशल का विकास करना रहा।
कार्यक्रम में मुख्या अतिथि ईक्यू कोच (आईसीएफ), शिक्षाविद एवं ऑरेंज आउल के संस्थापक एवं निदेशक भास्कर इन्द्रकांति, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ सिद्धार्थ चतुर्वेदी,कुलगुरु डॉ विजय सिंह ,कुलसचिव डॉ सितेश कुमार सिन्हा,डीन एकेडेमिक्स डॉ विनोद कुमार गुप्ता ,डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ विनोद कुमार शर्मा एवं एनएसएस अधिकारी डॉ नितिन कुमार ढिमोले उपस्थित रहे।

कार्यशाला के दौरान भावनाओं के प्रबंधन, आत्म-जागरूकता, सामाजिक व्यवहार और पारस्परिक संबंधों को बेहतर बनाने पर विशेष रूप से चर्चा की गई। सत्र को सहभागितापूर्ण और व्यवहारिक रखा गया, जिसमें विद्यार्थियों ने समूह गतिविधियों, चर्चाओं एवं आत्म-मंथन अभ्यासों के माध्यम से सक्रिय रूप से भाग लिया।
मुख्य वक्ता भास्कर इंद्रकांति ने वास्तविक जीवन के उदाहरणों और संवादात्मक तकनीकों के माध्यम से भावनात्मक बुद्धिमत्ता के महत्व को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया। उनके व्यावहारिक दृष्टिकोण ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत जीवन में ईक्यू की उपयोगिता से परिचित कराया।
इस अवसर पर एसजीएसयू के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता भी सफलता की कुंजी है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक होते हैं।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह और कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इमोशनल इंटेलिजेंस विद्यार्थियों को न केवल बेहतर निर्णय लेने में सक्षम बनाती है, बल्कि उनके नेतृत्व, टीमवर्क और सामाजिक व्यवहार को भी सशक्त करती है। उन्होंने इस प्रकार की गतिविधियों को शिक्षा का अनिवार्य हिस्सा बताया।
कार्यशाला का संचालन स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज की सहायक प्राध्यापक यशी सक्सेना द्वारा किया गया।
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के लिए एक सकारात्मक और संवेदनशील सीखने का वातावरण तैयार किया, जिससे वे दैनिक जीवन में भावनात्मक बुद्धिमत्ता के कौशलों को बेहतर ढंग से समझने और अपनाने में सक्षम हो सकें।
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