सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क–आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : भारतीय दृष्टिकोण सदैव से विश्वकल्याण का रहा है। हमें समस्याओं पर चिंता करने की बजाय समाधान पर विचार करना चाहिए। कहो वही, जो कर सको। यह बात शिक्षा, संस्कृति उत्थान न्यास प्रांत संयोजक भरत व्यास ने भोपाल के भेल स्थित बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में कही।


बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महविद्यालय भेल भोपाल में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की स्थापना दिवस के अवसर पर “उच्च शिक्षा में चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व के समग्र विकास” विषय पर आयोजित संगोष्ठी मे मुख्य वक्ता के रूप न्यास के प्रांत संयोजक भरत व्यास ने कहा कि भारतीय दृष्टिकोण सदैव से विश्व कल्याण एवं वसुधैव कुटुम्बकम का रहा है। हमें समस्याओं से चिंतित होने की जगह समाधान पर विचार करना चाहिए।

‘पर्सनालिटी’ और ‘व्यक्तित्व’ दोनो के भावार्थ मे बहुत अंतर है। हमें एकाग्रता, मनोयोग, समर्पण, लगन और विवेक से अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। अध्यात्मिक चेतना हमें दृढ़ बनाती है। डॉ व्यास ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के निर्माण में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की अहम भूमिका रही है।
इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में विकसित किए जा रहे विद्यावन में पौधरोपण भी किया गया।

प्राचार्य डॉ संजय जैन सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

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