सीएनएन सेंट्रल न्यूज़ एंड नेटवर्क – आईटीडीसी इंडिया ईप्रेस / आईटीडीसी न्यूज़ भोपाल : बाबूलाल गौर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय भेल भोपाल की रितिका ठाकुर बी ए दिव्तीय, सच में अपने पापा के लिए किसी परी से कम साबित नहीं हो रही हैं महाविद्यालय में नशामुक्ति पर आधारित संगोष्ठी में जब यह पूछा गया कि शिक्षित युवा होने के नाते हम केसे अपनी भूमिका का निर्वाह कर सकते हैं तब भोपाल के निकटस्थ ग्राम छावनी पठार निवासी ,रितिका ठाकुर जो एन सी सी की सक्रीय केडिट भी हैं ,ने बताया कि उसके पापा पेशे से लोडिंग ट्रक के ड्राईवर हैं उन्हें असम,उड़ीसा,गोहाटी,केरल या भारत में जहां का भी सामान पहुचाने का आर्डर मिले ,एसे सुदूर क्षेत्रो तक ट्रक ले कर जाना होता है ,वे शराब ,सिगरेट और गुटका के आदी रहे हैं .लेकिन रितिका को जब उनके सिगरेट पीने से एलर्जी होने लगी तो उसने अपने पापा से एसा न करने का आग्रह किया|
पहले पापा के न नुकुर करने पर रितिका ने हार नहीं मानी वह विकल्प के रूप में इसके लिए बादाम और चने अकोर कर उन्हें देने लगी .जिससे अब उन्होंने गुटका खाना बंद कर दिया है| प्रतिदिन पापा के ड्राइविंग पर जाने से पहले आज भी उन्हें बादाम और चने रखना रितिका नहीं भूलती इसी तरह प्रतिदिन पापा के साथ एक ही थाली में खाना खाने वाली रितिका को जब खाना खाते समय पिता के मुह से शराब की महक आने लगी तो उसने न केवल साथ खाना ही छोड़ दिया बल्कि उस दिन खाने से अनशन रखना शुरू कर दिया. जिससे आहात हो कर पिता ने घर मे शराब या किसी भी प्रकार का व्यसन बंद कर दिया इसके विकल्प में उन्होंने चिप्स ,बिस्कुट आदि का सेवन शुरू कर दिया.रितिका का एक बड़ा भाई है जो पिता के व्यवसाय में सहयोग करता है लेकिन वो इन सब व्यसनों से दूर है .छोटा भाई आठवी का छात्र है पिता उससे सिगरेट ,गुटका आदि मंगवाया करते थे लेकिन समझ आने पर अब उसने पिता के लिए यह सब लाना बंद कर दिया है. रितिका की मां ने जब इन व्यसनों को छुड़ाने का प्रयास किया तो उनके मायके के लोगो द्वारा भी यह सब सेवन किये जाने के कारण वे सफल न हो सकी. लेकिन अपनी बेटी से बेहद प्यार करने वाले पापा महेंद्र सिंह ने बेटी से हार मान ली और अपनी बेटी को सचमुच परी मानने लगे हैं|
महाविद्यालय के संज्ञान में जब यह बात सामने आई तो प्राचार्य डॉ. संजय जैन एवं एन सी सी ऑफिसर डॉ .वर्षा चौहान ने रितिका को सम्मानित किया और महाविद्यालय में नशामुक्ति का ब्रांड एम्बेसेडर घोषित किया.जिससे अन्य छात्र –छात्राएं एसे रचनात्मक कार्यों को करने की प्रेरणा पा कर शिक्षित युवा की सही भूमिका निभा सकें |
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